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लखनऊ में दो समुदायों में टकराव, तोड़फोड़ के बीच चली गोलियां

Sat, 30 May 2015 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 30 May 2015 10:37 AM IST
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Communal violence in Lucknow.

राजधानी लखनऊ के बाजारखाला के टिकैतगंज स्थित मास्टर कन्हैयालाल रोड पर शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे दो समुदाय के बीच हुई मामूली कहासुनी देर शाम आपसी संघर्ष में बदल गई। दोनों तरफ से उन्मादी नारे लगने लगे।

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सैकड़ों लोग घरों से निकल आए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। कई राउंड हवाई फायरिंग भी की गई। गलियां ईंट-पत्थरों से पट गईं। इलाके में भगदड़ मच गई। लोगों ने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए तो दुकानदार शटर गिराकर भाग निकले।
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पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची लेकिन उपद्रवियों से सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। करीब दो घंटे तक उपद्रवियों ने इलाके में घूम-घूमकर तोड़फोड़ की। पुलिस टीमें एक तरफ लोगों को संभालने की कोशिश करती तो दूसरी तरफ से पथराव-फायरिंग शुरू हो जाती। आक्रोशित लोगों ने कई बार पुलिस टीमों को खदेड़ दिया।
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पथराव और तोड़फोड़ में तीन कारें और चार दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ लोगों के चोटिल होने की भी सूचना है। देर रात तक इलाके में तनाव बना हुआ था। पीएसी तैनात कर दी गई है। डीआईजी व प्रभारी एसएसपी आरके चतुर्वेदी और डीएम राजशेखर सहित पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।

ऐसे हुई झगड़े की शुरुआत

Communal violence in Lucknow.

झगड़े की शुरुआत शंकर दयाल रोड स्थित धार्मिक स्थलों से हुई थी। एक समुदाय के लोग लाउड स्पीकर लगाकर शरबत बांट रहे थे तो दूसरे समुदाय के लोग प्रार्थना की तैयारी कर रहे थे।

लाउड स्पीकर से प्रार्थना में व्यवधान की बात कहकर दूसरे समुदाय ने विरोध किया तो माहौल गरमा गया। ऐशबाग के पार्षद साकेत शर्मा ने मौके पर पहुंचकर समझाने की कोशिश की तो उनसे अभद्रता की गई। इसी बीच किसी ने पुलिस से शिकायत कर दी।

बाजारखाला थाना के एक दीवान ने मौके पर आकर लाउड स्पीकर धीमा करा दिया जिससे शरबत बांट रहे लोग भड़क उठे। प्रार्थना करने जा रहे लोगों की तरफ से धार्मिक टिप्पणियों ने आग में घी का काम किया।

गुस्साए लोगों ने प्रार्थना के बाद फिर से लाउड स्पीकर की आवाज तेज कर दी। हालांकि, उस वक्त तक किसी को माहौल इस कदर बिगड़ने की आशंका नहीं थी।

आपत्तिजनक सामग्री फेंकने की अफवाह पर हुआ टकराव

Communal violence in Lucknow.

शाम करीब छह बजे धर्मस्थल पर आपत्तिजनक सामग्री फेंकने की अफवाह फैल गई। एक समुदाय के लोग धर्मस्थल के आसपास एकत्र होने लगे। लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। दूसरी तरफ से भी भीड़ आ गई और लोग नारेबाजी करने लगे। दोनों समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।

दूसरे समुदाय की तरफ से एक युवक ने फायरिंग की जिससे भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उक्त युवक ने हवा में चार गोलियां चलाईं। यह युवक इससे पूर्व भी फायरिंग कर चुका है। पान की दुकान लगाने वाले मनीष का सिर फट गया। भीड़ ने गली में घूम-घूमकर पथराव और तोड़फोड़ की।

मारुख के घर पर खड़ी कार के साथ ही रेशमा और रफीक की कारें टूट गईं। मुन्ना के घर पर तोड़फोड़ हुई। जहीर और आसिफ के जरदोजी कारखाने में घुसकर लोगों ने तोड़फोड़ की।
बाजारखाला, चौक, सआदतगंज, नाका, वजीरगंज, तालकटोरा सहित अन्य थानों की फोर्स टिकैतगंज पहुंच गई लेकिन हालात नहीं सुधरे। मास्टर कन्हैयालाल रोड पर भीड़ ने पुलिस को खदेड़ लिया।

इसी बीच ऐशबाग रोड जल संस्थान से जुड़े गड़ैय्या इलाके में धार्मिक शिक्षा स्थल से छात्र बाहर निकल आए और नारेबाजी करने लगे। दूसरे समुदाय के लोगों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने पथराव भी किया जिसमें कई लोगों को हलकी-फुलकी चोटें आई हैं।

पुलिस की लापरवाही से बिगड़ा माहौल

Communal violence in Lucknow.

सुबह से इलाके में तनाव फैला था लेकिन बाजारखाला पुलिस सोती रही। नतीजतन, पुलिस की लापरवाही से माहौल बेकाबू हो गया। पुलिस ने सुबह लाउड स्पीकर की आवाज धीमी करने के बाद इलाके में झांकने तक की जरूरत नहीं समझी।

शाम को छह बजे जब धर्मस्थल पर आपत्तिजनक सामग्री फेंकने की अफवाह फैली थी, अगर बाजारखाला इंस्पेक्टर विकास पांडे तभी सक्रिय हो जाते और मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शांत करा देते तो शायद उपद्रव की नौबत ही न आती।

यही नहीं, उपद्रव शुरू होने के बाद भी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एहतियाती कदम उठाने की जरूरत नहीं समझी। इलाकाई लोगों ने बताया कि एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तब तक सबकुछ हाथ से निकल चुका था।

दोनों तरफ से फायरिंग-पथराव हो रहा था। ऐसे में पुलिस उपद्रवियों पर काबू करने के बजाए अपनी जान बचाने की सोचती रही। रात को पुलिस ने कुछ सक्रियता दिखाने की कोशिश की तो बाबूलाल चौराहा से उपद्रवियों ने पानी की टंकी चौराहा तक खदेड़ दिया।

यह कहते हैं डीआईजी व डीएम

Communal violence in Lucknow.

मामले पर डीआईजी आरके चतुर्वेदी कहते हैं कि दो समुदाय में सुबह मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। शाम को कुछ और अफवाह फैल गई जिससे दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया है। इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है। अब हालात सामान्य हैं।

वहीं डीएम राजशेखर का कहना है कि दो समूहों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। पथराव की बात भी सामने आई है। पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर हैं और पर्याप्त मात्रा में फोर्स बुलवा ली गई है।

अब इलाके में शांति है और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन के अफसर सतर्क हैं और माहौल पर पूरी नजर रखी जा रही है।

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