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होमगार्ड ड्यूटी घोटाले में कमांडेंट जनरल पर गिरी गाज, ‘बाध्य प्रतीक्षा’ में भेजे गए
Tue, 03 Dec 2019 08:11 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 03 Dec 2019 08:11 PM IST
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होमगार्ड
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार पर प्रहार जारी है। होमगार्ड ड्यूटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को होमगार्ड विभाग के कमांडेंट जनरल जीएल मीणा को बाध्य प्रतीक्षा में भेज दिया गया है। उनकेस्थान पर डीजी जेल आनंद कुमार को होमगार्ड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार होमगार्ड विभाग में ड्यूटी घोटाले को लेकर सरकार की लगातार किरकिरी हो रही थी। पहले यह मामला केवल दो जिलों में पकड़ में आया था, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो कई और जिलों में होमगार्ड ड्यूटी में खामियां पाई गईं। इसके अलावा विभिन्न जिलों के कमांडेंट को चार्ज देने के मामले में भी मनमानी का आरोप है। पुराने नियमों को दरकिनार करते हुए जिला कमांडेंट के लिंक अफसरों को नजर अंदाज किया गया।
मसलन नोएडा के जिला कमांडेंट रामराज कनौजिया के प्रोन्नति के बाद उन्हें अलीगढ़ का मंडलीय कमांडेंट बना दिया गया था। इसके बाद 31 अक्तूबर को मेरठ के मंडलीय कमांडेंट डीडी मौर्य को नोएडा के जिला कमांडेंट का चार्ज दे दिया था। जबकि डीडी मौर्य ने नोएडा जाने से लिखित रूप से मना किया था। लेकिन डीजी होमगार्ड के दबाव के कारण उन्हें नोएडा जिला कमांडेंट की जिम्मेदारी लेनी पड़ी।
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इसी तरह लखनऊ में डीजी होमगार्ड की वरिष्ठ स्टाफ अफसर प्रतिभा अंबेडकर ने जांच की थी और दो थानों में होमगार्ड ड्यूटी में अनियमितता पाई थी। सूत्रों के अनुसार प्रतिभा अंबेडकर ने लखनऊ के जिला कमांडेट को हटाने की सिफारिश भी की थी, लेकिन डीजी होमगार्ड ने उसे भी अनदेखा कर दिया। बाद में लखनऊ में एफआईआर दर्ज हुई और जिला कमांडेंट को जेल भेज दिया गया और शासन ने जिला कमांडेंट को निलंबित किया गया।
निलंबन के बाद पांच दिनों तक न तो जिला कमांडेंट की पोस्टिंग की गई और न ही उनके लिंक अफसर को चार्ज दिया गया। बल्कि बाराबंकी के जिला कमांडेंट सत्य प्रकाश सिंह को लखनऊ जिला कमांडेंट का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया, जिसके बाद सत्यप्रकाश सिंह छुट्टी पर चले गए थे। इन सब मामलों के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने डीजी होमगार्ड गोपाल लाल मीणा को उनके पद से हटाने का फैसला किया।
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सूत्रों के अनुसार होमगार्ड विभाग में ड्यूटी घोटाले को लेकर सरकार की लगातार किरकिरी हो रही थी। पहले यह मामला केवल दो जिलों में पकड़ में आया था, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो कई और जिलों में होमगार्ड ड्यूटी में खामियां पाई गईं। इसके अलावा विभिन्न जिलों के कमांडेंट को चार्ज देने के मामले में भी मनमानी का आरोप है। पुराने नियमों को दरकिनार करते हुए जिला कमांडेंट के लिंक अफसरों को नजर अंदाज किया गया।
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मसलन नोएडा के जिला कमांडेंट रामराज कनौजिया के प्रोन्नति के बाद उन्हें अलीगढ़ का मंडलीय कमांडेंट बना दिया गया था। इसके बाद 31 अक्तूबर को मेरठ के मंडलीय कमांडेंट डीडी मौर्य को नोएडा के जिला कमांडेंट का चार्ज दे दिया था। जबकि डीडी मौर्य ने नोएडा जाने से लिखित रूप से मना किया था। लेकिन डीजी होमगार्ड के दबाव के कारण उन्हें नोएडा जिला कमांडेंट की जिम्मेदारी लेनी पड़ी।
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इसी तरह लखनऊ में डीजी होमगार्ड की वरिष्ठ स्टाफ अफसर प्रतिभा अंबेडकर ने जांच की थी और दो थानों में होमगार्ड ड्यूटी में अनियमितता पाई थी। सूत्रों के अनुसार प्रतिभा अंबेडकर ने लखनऊ के जिला कमांडेट को हटाने की सिफारिश भी की थी, लेकिन डीजी होमगार्ड ने उसे भी अनदेखा कर दिया। बाद में लखनऊ में एफआईआर दर्ज हुई और जिला कमांडेंट को जेल भेज दिया गया और शासन ने जिला कमांडेंट को निलंबित किया गया।
निलंबन के बाद पांच दिनों तक न तो जिला कमांडेंट की पोस्टिंग की गई और न ही उनके लिंक अफसर को चार्ज दिया गया। बल्कि बाराबंकी के जिला कमांडेंट सत्य प्रकाश सिंह को लखनऊ जिला कमांडेंट का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया, जिसके बाद सत्यप्रकाश सिंह छुट्टी पर चले गए थे। इन सब मामलों के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने डीजी होमगार्ड गोपाल लाल मीणा को उनके पद से हटाने का फैसला किया।