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Lucknow News: गंगा किनारे की कोयला भट्ठियां ध्वस्त होंगी
Mon, 16 Dec 2024 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 16 Dec 2024 12:51 AM IST
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रायबरेली। पतित पावनी गंगा नदी के किनारे अवैध कोयला भट्ठियां नहीं चलेंगी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संज्ञान लिया है। वन विभाग के अफसरों को चेताया है कि कोयला भट्ठियों का संचालन तत्काल बंद कराएं। यदि पांच दिन के भीतर भट्ठियों को नहीं बंद किया गया तो दिल्ली से टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। इसके बाद वन विभाग ने सभी संचालकों को नोटिस भेज चेतावनी दी है कि खुद भट्ठियां हटा लें। ऐसा नहीं करने पर बुलडोजर से सभी को ध्वस्त किया जाएगा और खर्च भी वसूला जाएगा। डलमऊ में गंगा किनारे के गांव चांदपुर लूक, महुआहार, जमनीपुर, कुंजन का पुरवा, भीमगंज, दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र में नरइना (भींट), मतीनगंज में अवैध रूप से कोयला भट्ठियां संचालित की जा रही हैं। इससे गंगा नदी प्रदूषित हो रही है।
कोयला भट्ठियों से निकलने वाला धुआं हवा को भी जहरीला बना रहा है। आसपास के क्षेत्रों में श्वास रोगी भी बढ़े हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने जब चुप्पी साधे रखी तो अमर उजाला ने अभियान चलाकर कोयला भट्ठियों की मनमानी को उठाया। बताया कि कैसे प्रशासनिक मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण से मनमानी की जा रही है।
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मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। इसके बाद जिम्मेदार जागे और कार्रवाई की तैयारी शुरू की। इस बीच एनजीटी ने भी वन विभाग को चेतावनी जारी कर दिया। ऐसे में कोयला भट्ठियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
डिडौली व दाउदपुर में भी कोयला भट्ठियां
सदर तहसील क्षेत्र के दाउदपुर व डिडौली में काफी समय से कोयला भट्ठियां संचालित हो रही हैं। इनमें गल्ला मंडी के एक ठेकेदार का हाथ बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार आरा मशीन भी संचालित करता है। वहीं पर हरे पेड़ों को काटकर कोयला भट्ठियों में सप्लाई किया जाता है। इसपर एसडीएम सदर प्रफुल्ल शर्मा कहते हैं कि मामले की जानकारी नहीं है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान में लेते हुए पड़ताल कराई जा रही है। जल्द कोयला भट्ठियों को ध्वस्त कराया जाएगा। कोयला भट्ठी संचालकों को नोटिस वन विभाग की तरफ से दिया गया है।
अभिषेक वर्मा, एसडीएम डलमऊ
वन विभाग की टीम ने चार दिनों तक गंगा किनारे संचालित कोयला भट्ठियों का सर्वे किया। इसके बाद अवैध भट्ठियों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय में अगर संचालक खुद ही भट्ठी नहीं हटाते हैं तो बुलडोजर से उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
रवि भारती, रेंजर डलमऊ
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संबंधित विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। इसके बाद वन विभाग ने सभी संचालकों को नोटिस भेज चेतावनी दी है कि खुद भट्ठियां हटा लें। ऐसा नहीं करने पर बुलडोजर से सभी को ध्वस्त किया जाएगा और खर्च भी वसूला जाएगा। डलमऊ में गंगा किनारे के गांव चांदपुर लूक, महुआहार, जमनीपुर, कुंजन का पुरवा, भीमगंज, दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र में नरइना (भींट), मतीनगंज में अवैध रूप से कोयला भट्ठियां संचालित की जा रही हैं। इससे गंगा नदी प्रदूषित हो रही है।
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कोयला भट्ठियों से निकलने वाला धुआं हवा को भी जहरीला बना रहा है। आसपास के क्षेत्रों में श्वास रोगी भी बढ़े हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों ने जब चुप्पी साधे रखी तो अमर उजाला ने अभियान चलाकर कोयला भट्ठियों की मनमानी को उठाया। बताया कि कैसे प्रशासनिक मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण से मनमानी की जा रही है।
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मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। इसके बाद जिम्मेदार जागे और कार्रवाई की तैयारी शुरू की। इस बीच एनजीटी ने भी वन विभाग को चेतावनी जारी कर दिया। ऐसे में कोयला भट्ठियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
डिडौली व दाउदपुर में भी कोयला भट्ठियां
सदर तहसील क्षेत्र के दाउदपुर व डिडौली में काफी समय से कोयला भट्ठियां संचालित हो रही हैं। इनमें गल्ला मंडी के एक ठेकेदार का हाथ बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार आरा मशीन भी संचालित करता है। वहीं पर हरे पेड़ों को काटकर कोयला भट्ठियों में सप्लाई किया जाता है। इसपर एसडीएम सदर प्रफुल्ल शर्मा कहते हैं कि मामले की जानकारी नहीं है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान में लेते हुए पड़ताल कराई जा रही है। जल्द कोयला भट्ठियों को ध्वस्त कराया जाएगा। कोयला भट्ठी संचालकों को नोटिस वन विभाग की तरफ से दिया गया है।
अभिषेक वर्मा, एसडीएम डलमऊ
वन विभाग की टीम ने चार दिनों तक गंगा किनारे संचालित कोयला भट्ठियों का सर्वे किया। इसके बाद अवैध भट्ठियों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय में अगर संचालक खुद ही भट्ठी नहीं हटाते हैं तो बुलडोजर से उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
रवि भारती, रेंजर डलमऊ