सीएम योगी के अपने ही कर रहे हैं हिदायतों की अनदेखी, हाथ में ले रहे हैं कानून
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विपक्ष की पैनी नजरों के बावजूद फायर ब्रांड नेता रहे सीएम योगी आदित्यनाथ पर कोई आरोप चस्पा नहीं हो पाया है, वे किसी विवाद में नहीं फंसे हैं लेकिन सरकार के ‘अपने’ ही सरकार के लिए आफत खड़ी कर रहे हैं। कहीं भाजपा तो कहीं हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता कानून हाथ में ले रहे हैं।
वे कहीं पुलिस अधिकारी के घर तोड़फोड़ कर रहे हैं, कहीं उनकी पिटाई कर रहे हैं। सत्ता का रौब गालिब करने के मामले भी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री की हिदायतों का उन पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनने के बाद अपने प्रति बनी हुई पुरानी धारणा और छवि को तोड़ा है। उन्होंने एक माह से ज्यादा के कार्यकाल में ‘सबका साथ-सबका विकास’ की बात की है। हर कार्यक्रम में 22 करोड़ प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए जाति, धर्म और पंथ से ऊपर काम करने का संदेश दिया है।
भले ही उनकी छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की रही हो, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठने के बाद उन्होंने राजधर्म का संदेश दिया है। बात एंटी रोमियो स्क्वॉयड के नाम पर मनमानी की हो या अवैध बूचड़खाने बंद कराने के नाम पर अति उत्साह दिखाने की, दोनों ही मामलों में उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को अतिवाद से सचेत किया।
कहा कि नाम पूछकर या धर्म देखकर कोई कार्रवाई नहीं होगी। कार्यकर्ताओं को चेताया कि वे कानून हाथ में न लें लेकिन उनकी हिदायत को भाजपा व हिंदू संगठनों के नेता नजरअंदाज कर रहे हैं।
आए दिन पुलिस, प्रशासन से टकराव या कार्यकर्ताओं की मनमानी की खबरें आ रही हैं। अभी सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के घर तोड़-फोड़ का मामला शांत नहीं हुआ था कि आगरा में पुलिस उपाधीक्षक से मारपीट और थाने में तांडव का मामला सामने आ गया। पिछले कुछ दिनों में ही कई मामले काफी चर्चा में आए हैं।
आगरा में सीओ को पीटा, पुलिस पर पथराव
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी में 22 अप्रैल को थाने का घेराव किया। एक कार्यकर्ता ने सीओ रविकांत पाराशर को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो जवाब में हिंदूवादी संगठनों ने थाने पर पथराव शुरू कर दिया।
हवालात का ताला तोड़ने की कोशिश की, एक दरोगा की बाइक में आग लगा दी। बवाल फतेहपुर सीकरी से आगरा तक पहुंच गया। बवाल की वजह यह थी कि 20 अप्रैल की रात को सब्जी व्यापारी फूल कुरैशी और रिजवान से कुछ लोगों ने मारपीट की थी।
पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की थी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मुकदमा वापस लेने और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव के तबादले की मांग कर रहे थे।
सहारनपुर में 20 अप्रैल को दूधली गांव में बिना अनुमति के शोभायात्रा निकालने का गांव में दूसरे संप्रदाय के लोगों ने विरोध किया, पथराव किया। इससे आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल मंडलायुक्त की गाड़ी व कई दुकानों में तोड़फोड़ की, बल्कि कुछ दुकानों से फर्नीचर निकालकर आग भी लगा दी।
कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। सांसद राघव लखनपाल की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। उन्होंने एसएसपी आवास में घुसकर तोड़फोड़ की, कप्तान से धक्का-मुक्की भी की। इस घटना से एसएसपी के परिवार के सदस्य भी सहम गए।
‘उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटेंगे’
दोनों भाइयों को पुलिस की मौजूदगी में मारपीट करते हुए थाने ले गए। युवती भी उनके साथ थाने गई और मारपीट करने वाले युवाओं पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने युवती की तहरीर पर कथित हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया।
मथुरा में कार पार्किंग संचालक और भाजयुमो नेता मेघश्याम गौतम से दरोगा पवन अग्निहोत्री की अभद्रता के मामले में 22 अप्रैल को भाजपा का एक डेलीगेशन एसएसपी मोहित गुप्ता से मिलने गया। इसमें शामिल एक युवा नेता एसएसपी से उलझ गए।
एसएसपी से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। बात इतनी बढ़ी कि एसएसपी ने उन्हें गिरफ्तार करा दिया। इससे एक दिन पहले ही वृंदावन में मेघश्याम का दो सिपाहियों से कार पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद हो गया था। मामला कोतवाली तक पहुंचा था। वहीं दरोगा ने युवा नेता से अभद्रता की थी। हालांकि इस घटना में एसएसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था।
‘सहारनपुर, आगरा और मथुरा की घटना काफी गंभीर है। सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी घटना में त्वरित कार्रवाई करें। कार्रवाई में देरी होने के कारण कई बार स्थितियां बिगड़ जाती हैं। उपद्रव करने वालों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है।’ -सुलखान सिंह डीजीपी, उत्तर प्रदेश
‘जनता ने मोदी और भाजपा पर विश्वास करके वोट दिया है। भाजपा प्रदेश में गुड गवर्नेंस चाहती है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों पर आगे बढ़ रहे हैं। गवर्नेंस में जो भी बाधक होगा, उसके खिलाफ भाजपा सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।’ -विजय बहादुर पाठक प्रदेश महामंत्री, भाजपा