जाटों को आरक्षण देने के खिलाफ सपा के इशारे पर दायर हुई कोर्ट में याचिका: सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार जाट समाज को ओबीसी में आरक्षण के पक्ष में है। सपा के इशारे पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जाटों को आरक्षण देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सरकार जाट समाज के पक्ष में मजबूत पैरवी करेगी।
सरकार चाहती है कि जाटों को ओबीसी में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने जाट समाज से वर्ष 2014 और 2017 की तरह 2019 में भी भाजपा का साथ देकर पीएम नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया। वे मंगलवार को विश्वेश्वरैया हॉल में भाजपा ओबीसी मोर्चा की ओर से आयोजित जाट समाज की सामाजिक प्रतिनिधि सभा की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सपा शासन में दंगों के खेल में जाटों को प्रताड़ित किया गया। जाट समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। लेकिन बीते डेढ़ वर्ष में कोई कैराना या कांदला जैसे दंगे नहीं हुए और न ही उन्हें कोई दोहरा सकता है।
उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल देश को फिर से अस्थिरता के दौर में ले जाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि देश फिर से पाकिस्तान और चीन के सामने घुटने टेके। इसलिए वे महागठबंधन के नाम पर अपरिपक्व राजनीति कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि जिस तरह जाटों ने मुगलों से लेकर अंग्रेजी शासन तक दिल्ली को चारों ओर से घेरे रखा और बिना समर्पण के अपनी संस्कृति और धर्म को बचाए रखा। उसी तरह आगामी लोकसभा चुनाव में जाट समाज को अपने पूर्वजों की विरासत को अक्षुण्य रखते हुए विपक्षियों को सबक सिखाकर पीएम मोदी दो दोबारा प्रधानमंत्री बनाकर अपने दायित्व को पूरा करना होगा।
जाट समाज के पूर्वजों को याद किया
योगी ने महाराजा सूरजमल, महाराजा महेंद्र सिंह, चौधरी चरण सिंह, सर छोटू राम और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की देश-प्रदेश की रक्षा और विकास में योगदान को सराहना की। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों ने अपने कौशल से समाज को नई दिशा दी। कृषि को आत्मनिर्भरता का साधन जाट समाज ने ही बनाया।
सरकार किसानों को समर्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने डेढ़ वर्ष किसानों को समर्पित किया है। पहली कैबिनेट में किसानों की फसली ऋण माफी से लेकर समर्थन मूल्य पर गेहूं व धान की खरीद की है। लागत से डेढ़ से दो गुना कीमत दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 2016-17 में जहां केवल 16 हजार करोड़ रुपये के गुन्ना मूल्य का भुगतान की तुलना में इस वर्ष 36 हजार करोड़ का भुगतान हुआ है। शेष भुगतान अक्तूबर अंत तक करा दिया जाएगा।