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UP News: मुख्यमंत्री योगी ने पोषण माह का किया शुभारंभ, बोले- पहले शराब बेचने वाले ही पोषण आहार बांटते थे
Fri, 16 Sep 2022 10:56 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 16 Sep 2022 10:56 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पोषण माह का शुभारंभ किया और 199 आंगनबाड़ी केन्द्रों का शिलान्यास व 501आंगनबाड़ी केन्द्रों का लोकार्पण किया। उन्होंने 'सहयोग' एप भी लांच किया।
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बच्चे को अन्नप्राशन कराते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बचपन स्वस्थ होगा तो राष्ट्र भी सशक्त होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने कहा कि मां स्वस्थ होगी तो वर्तमान स्वस्थ रहेगा। देश या प्रदेश की मजबूत आधारशिला शिक्षा व स्वास्थ्य से ही खड़ी होती है।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां लोकभवन में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री ने 501 आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण व 199 केंद्रों का शिलान्यास किया। उन्होंने पोषण मैन्युअल ‘सक्षम’ और विभाग की 5 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारिक पुस्तिका ‘सशक्त आंगनबाड़ी’ का विमोचन और विभाग द्वारा तैयार किए गए दो ‘सहयोग’ व ‘बाल पिटारा’ एप लॉन्च किया। मौके पर उन्होंने ‘दुलार’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही बच्चों का अन्नप्राशन व गर्भवती की गोदभराई भी की।
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मौके पर उन्होंने कहा कि 2017 में जब सत्ता की बागडोर संभाली थी तो नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में यूपी की स्थिति काफी खराब थी, लेकिन पांच साल लगातार इस सेक्टर में काम करने की वजह से मातृ व शिशु के मृत्यु दर और रक्त की कमी संबंधी बीमारियों के ग्राफ में काफी सुधार हुआ। यूपी अब नेशनल हेल्थ सर्वे के मानकों के बराबर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 5 वर्षों से पोषण माह को मिशन मोड में चलाने से जहां स्थिति सुधरी है, वहीं तकनीक के प्रयोग को बढ़ाकर अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि 1.70 करोड़ बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अपना भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार में 21,700 आंगनबाड़ी केंद्रों के पक्के भवन बनाए गए। उन्होंने अधिकारियों को आंगनबाड़ी, पोषाहार वितरण, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण समेत अन्य क्रियाकलापों से संबंधित डेटा को निरंतर अपडेट करने को कहा। कहा कि कई बार परिणाम अच्छे होने के बावजूद डेटा अपलोड न करने से प्रदेश का परिणाम खराब दिखता है। इस मौके पर महिला कल्याण व बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने विभागीय क्रियाकलापों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
पहले शराब बेचने वाले बेचते थे पोषाहार
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही प्रदेश है, जहां शराब बेचने वाले ही पोषाहार बेचते थे। अब प्रदेश की 60 हजार महिलाएं ये पोषाहार तैयार कर रही हैं। क्योंकि सरकार ने शराब के कारोबारियों को इस काम से काम हटाकर स्वयं सहायता समूहों को दे दिया है। इससे जुड़ी 60 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है और मानक के मुताबिक गुणवत्ता युक्त पोषाहार तैयार हो रहा है।