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UP News: शिक्षक भर्ती के लिए सीएम योगी ने दिया एकीकृत आयोग के गठन का निर्देश, नया आयोग ही टीईटी परीक्षा कराएगा
Tue, 03 Jan 2023 11:39 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 03 Jan 2023 11:39 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षकों के समयबद्ध चयन के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भर्ती के लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इसी आयोग के जरिये ही बेसिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में योग्य शिक्षकों का चयन किया जाएगा। यही नहीं अब प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन भी नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लोकभवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि वर्तमान में बेसिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के चयन के लिए अलग-अलग प्राधिकारी, बोर्ड व आयोग चल रहे हैं। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नीतिगत सुधारों के तहत शिक्षक चयन आयोगों को एकीकृत स्वरूप दिया जाना उचित होगा। इस आयोग द्वारा बेसिक, माध्यमिक या उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि नए आयोग के स्वरूप, अध्यक्ष व सदस्यों की अर्हता, आयोग की शक्तियों और कार्यों के संबंध में रूपरेखा तय करते हुए प्रस्ताव तैयार किया जाए।
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आयोग की परीक्षाओं के लिए अप्रैल से ओटीआर अनिवार्य
उप्र. लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की सुविधा देने का निर्णय लिया है। आयोग की परीक्षाओं के लिए अप्रैल से ओटीआर अनिवार्य होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा संघ लोक सेवा आयोग से भी बेहतर होगी। क्योंकि यूपीपीएससी के ओटीआर में सारी जानकारियां शामिल हैं जो आवेदन के लिए आवश्यक होती हैं। इसलिए इसे संघ लोक सेवा आयोग से बेहतर संस्थागत प्रयास माना जा रहा है।
दरअसल, पूर्व में कई अभ्यर्थी एक ही परीक्षा के लिए कई फॉर्म भरते थे जिससे गड़बड़ी की आशंका रहती थी। आरक्षण का अनुचित लाभ लेने के लिए कूटरचित तरीके से अलग-अलग जाति का उल्लेख करके आवेदन कर देते थे, जो अब मुमकिन नहीं होगा। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन के संदर्भ में केंद्रीकृत डाटा बैंक नहीं था। अब ओटीआर से केंद्रीकृत डाटा होगा जिससे इस प्रकार की प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा।
एक से अधिक ओटीआर तो निरस्त होगा आवेदन
ओटीआर के लिए वैध ई-मेल आईडी व मोबाइल नंबर जरूरी होगा, जिस पर ओटीआर संख्या भेजी जाएगी। भविष्य में जारी विज्ञापन में ई-मेल व मोबाइल नंबर पर भेजी गई ओटीपी से वैलिडेट करने पर ही आवेदनपत्र स्वीकार होगा। एक से अधिक ओटीआर एक से अधिक होने पर अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
ये होंगे फायदे
-अभ्यर्थियों को आयोग की परीक्षाओं के लिए शैक्षिक अर्हता एवं मूलभूत सूचनाओं से संबंधित अभिलेख का ब्योरा बार-बार नहीं भरना होगा।
- नए आवेदन पत्र भरने में समय की बचत के साथ अभ्यर्थियों के धन की भी बचत होगी। मूलभूत सूचनाओं को संशोधन करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
- अगर समीक्षा के दौरान कोई गलती होती है तो उसको वह स्वयं ही ठीक कर सकते हैं। जल्दबाजी में गलत सूचना भरने से या अंतिम समय मे तकनीकी परेशानियों से निजात मिलेगी।
संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि संस्कृत विद्यालयों का उन्नयन राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। संस्कृत विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ-साथ अध्ययनरत विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति भी दी जानी चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द प्रस्तुत की जाए।
एडेड माध्यमिक विद्यालयों को संवारने की बनाएं कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में 60, 70, 80 वर्ष और उससे अधिक पुराने कई सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालय हैं। प्रदेश के शैक्षिक माहौल को समृद्ध करने में इन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य सरकार से सहायता प्राप्त इन माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास की आवश्यकता है। इसलिए शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित को देखते हुए प्रबंधतंत्र की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन विद्यालयों के लिए एक बेहतर कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।