भारत की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने में सेकुलरिज्म शब्द से सबसे बड़ा खतरा: मुख्यमंत्री योगी
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कंबोडिया यात्रा के दौरान अंकोरवाट मंदिर में एक बौद्घ गाइड मिला। मंदिर का गाइड बौद्घ था, पर उसे पता था कि उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म से हुई है और वह यह बात निश्चिंत होकर बोल सकता है। पर, भारत में ऐसा बोलेंगे तो सेकुलरिज्म खतरे में पड़ जाएगा। भारत की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने में सेकुलरिज्म शब्द से सबसे बड़ा खतरा है।
यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में अयोध्या शोध संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कही। वह हिंदू संस्कृति पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दे रहे थे। उन्होंने रामायण विश्व महाकोश का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिरावण राम लक्ष्मण का अपहरण कर ले जाता है। इसे कपोल कल्पना बताया जाता है, पर अब ऐसे अवसर खोजे जा चुके हैं, जो इसे सिद्ध करते हैं। ऐसे ही राम पुष्पक से अयोध्या लौटे थे। यह भी सिद्ध हो रहा है। उस दौर में विज्ञान व अध्यात्म का अद्भुत मेल था। प्रकृति और परमात्मा का समन्वय था। इतना ही नहीं आज एक ब्रिज बनाने में वर्षों लग जाते हैं, पर प्रभु श्रीराम ने बंदर और भालुओं की मदद से समंदर में पुल बना दिया।
वहीं हनुमान जी लक्ष्मण के लिए संजीवनी लेने गए थे। अब सोचिए उनका वेग क्या रहा होगा। अभी फ्लाइट से श्रीलंका जाने में 4 घंटे लगते हैं। पर, हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत जाकर संजीवनी लाते हैं। उनके वेग का आंकलन लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-ढाई हजार साल से संस्कृति को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। वैभव नष्ट कर दिया। जातीय झगड़ों से उबर नहीं पाए। हमें खुद को विराटता में शामिल करना होगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के कारण विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।
2019 के प्रयागराज कुंभ की विपक्षी भी नहीं कर सके आलोचना
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुंभ को भगदड़, गंदगी, अव्यवस्था और अराजकता के रूप में प्रस्तुत किया गया था लेकिन 2019 के प्रयागराज कुंभ के बारे में हमारे विरोधी भी नकारात्मक स्वर से नहीं बोल सके। कुंभ ने भारत की संस्कृति, स्वच्छता, सुव्यवस्था और सुरक्षा का एक नया मानक प्रस्तुत किया।
पूरी दुनिया और यूनेस्को तक को भी कहना पड़ा कि दुनिया की मानवता की अमूर्त धरोहर है कुंभ। इंडोनेशिया, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया ये सभी देश बहुत विश्वास के साथ उस परंपरा और संस्कृति के साथ जुड़े रहे हैं। रामायण और महाभारत की कहानियां हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। अयोध्या शोध संस्थान द्वारा तैयार रामायण विश्व महाकोश के पहले संस्करण की ई बुक को भी लॉन्च किया गया।
अंग्रेजी भाषा में विमोचन हुआ। संस्कृति विभाग दुनिया के 205 देशों से रामायण की मूर्त व अमूर्त विरासत संजो कर रामायण विश्व महाकोश परियोजना को साकार करने में जुटा है। विश्व महाकोश के प्रथम संस्करण का डिजाइन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर ने तैयार किया है।
विपक्ष को लिया आड़े हाथ
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने तो राम के अस्तित्व और अयोध्या पर ही सवाल उठाने का प्रयास किया था। रामजन्मभूमि आंदोलन के वक्त इतिहासकारों ने सवाल उठाए थे। यहां तक कहा गया कि ये वो अयोध्या ही नहीं, जहां राम पैदा हुए थे। यही विकृत मानसिकता भारत को अपने गौरव से वंचित कर रही है, जो चंद लोग भारत के खिलाफ माहौल बना रहे हैं, उन्हें जूठन में चंद रुपये मिल जाते हैं। पर, दुनियाभर में उनकी कहीं कदर नहीं हैं। पैसों के लिए अपनी आत्मा बेच चुके हैं।
यहां बसती है सनातन की आत्मा
योगी ने कहा कि आज एक नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। यह गौरव की बात है कि भारत की सनातन हिंदू धर्म परंपरा में जो सात पवित्र नगरियां हैं, उनमें से तीन अयोध्या, मथुरा और काशी यूपी में है, जहां सनातन हिंदू धर्म की आत्मा निवास करती है। यह गौरव की बात है। योगी ने कहा कि हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि दुनिया भर में होने वाली रामलीलाओं का मंचन अयोध्या में हो। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।