Climate Conclave 2023: मुख्यमंत्री योगी का एलान, यूपी में जुलाई में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय नेशनल क्लाइमेट कॉन्क्लेव-2023 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जुलाई में प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का एलान किया।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को दो दिवसीय नेशनल क्लाइमेट कॉन्क्लेव प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भूपेंद्र यादव ने उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण के क्षेत्र में यूपी में हो रहे कार्यों को रखा और कहा कि प्रदेश में जुलाई के प्रथम सप्ताह में एक दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री यादव ने उम्मीद जताई कि कॉन्क्लेव के जरिये पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए क्षमता का निर्माण होगा। हरित विषयों पर चर्चा होगी। इसको लेकर वैधानिक सुधार (लीगल रिफॉर्म) की आवश्यकता भी रेखांकित की जाएगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कॉन्क्लेव के उद्घघाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा सदैव से पर्यावरण हितैषी रही है। धरती हमारी मां है और जिसके प्रति अपने दायित्यों के निर्वहन का हरसंभव प्रयास करना होगा। एक तरफ विकास आज की आवश्यक्ता है, तो पर्यावरण और प्रकृति के प्रति दायित्वों से भी हम मुक्त नहीं हो सकते। मनुष्य ने प्रकृति का अतिदोहन करके जिन दुष्परिणामों को आमंत्रित किया है, आज हम सब उसके भुक्तभोगी बन रहे हैं। असमय अतिवृष्टि के रूप में हम इसके दुष्परिणामों को देख रहे हैं।
जलवायु परिवर्तन का परिणाम है पकी फसल के समय वर्षा
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण की नई राह दिखाने का काम कर रहा है। 2017 के बाद से अब तक यूपी में 133 करोड़ पौधरोपण का कार्य हुआ है। जनता में भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक भाव पैदा हुआ है। अथर्ववेद में कहा गया है कि हम सब धरती मां के पुत्र हैं। क्लाइमेट चेंज आज एक बड़ी चुनौती है। बीते 25 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने कभी नहीं देखा कि अक्तूबर में बाढ़ आई हो, पर पिछले साल यूपी में अक्तूबर में बाढ़ आई। मार्च में फसल तैयार होने के वक्त बारिश भी इसी का नतीजा है।
100 साल से पुराने वृक्ष हमारी विरासत
सीएम ने कहा कि हम 100 साल से पुराने वृक्षों को विरासत वृक्ष के रूप में मान्यता देकर उनका संरक्षण कर रहे हैं। गोरखनाथ मंदिर में मौजूद आम के पुराने वृक्ष से संबंधित स्मृतियों का जिक्र करते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम के सिद्ध योगी सुंदरनाथ 1907 में गोरखनाथ मंदिर आए और वहां मौजूद आम के वृक्ष के नीचे तत्कालीन महंत बाबा गंभीरनाथ के साथ संवाद किया। वो वृक्ष आज भी वहां मौजूद है और फल देता है। इसके अलावा 1912 में भारत सेवा श्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद ने भी उसी वृक्ष के नीचे बाबा गंभीरनाथ से दीक्षा ली थी।
1.30 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों को धीरे-धीरे सड़क से हटाकर ई-व्हीकल और ग्रीन इनर्जी को प्रमोट करने का कार्य हो रहा है। यूपी आज सबसे ज्यादा एथनॉल उत्पादन कर रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। गोमाता की रक्षा के साथ गो आधारित खेती के जरिए विषमुक्त खेती का अभियान शुरू किया। गंगा तटवर्ती 27 जिलों और बुंदेलखंड में 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हम जैविक और प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। नमामी गंगे परियोजना से काफी अच्छे परिणाम सामने आये हैं। आज प्रयागराज से मिर्जापुर और वाराणसी से बक्सर तक गंगा में डॉलफिन दिख रही हैं। पहले कानपुर में 14 करोड़ लीटर सीवर गिरता था, आज एक बूंद भी नहीं गिरता। प्रदेश में 8 हजार अमृत सरोवर का निर्माण किया जा चुका है।
सड़कों पर नहीं दिखेंगे 15 वर्ष से पुराने वाहन
सीएम ने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक शहरों में मेट्रो संचालित हो रही है। शीघ्र ही 15 वर्ष पुराने डीजल तथा पेट्रोल से चलने वाले वाहन उत्तर प्रदेश की सड़कों पर नहीं चलेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों तथा ग्रीन इनर्जी को प्रमोट करने के लिए प्रदेश में नीतियां बनाई गई हैं। प्रदेश सरकार ने नेट मीटरिंग और नेट बिलिंग के कार्यक्रम को मान्यता देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी के साथ आगे बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी लाभार्थियों को आवास के साथ ही सहजन का पौधा भी दिया जाता है, क्योंकि इसकी फली में बहुत अधिक प्रोटीन होती है।
दुनिया में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत में सबसे कम : भूपेंद्र यादव
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यहां आयोजित क्लाइमेट कॉन्क्लेव-2023 का दो दिवसीय आयोजन पर्यावरण के क्षेत्र में मील का पत्थर बनेगा। भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन दुनिया में सबसे कम है। 2015 के पेरिस सम्मेलन में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए भारत ने जो लक्ष्य लिया था, उसे 2030 तक पूरा करना था, पर हमने उस लक्ष्य को 2022 में ही हासिल कर लिया। वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में भी इस लक्ष्य को नौ साल पहले हासिल कर लिया। प्रधानमंत्री के मिशन लाइफ के माध्यम से धरा के तापमान को कम करने में काफी मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता से पिछले वर्ष यूपी के रानीपुर अभ्यारण्य को देश के टाइगर रिजर्व में शामिल किया गया। अब प्रदेश में टाइगर रिजर्व की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। इसमें दुधवा, पीलीभीत और रानीपुर शामिल हैं। गंगा और शिवालिक क्षेत्र के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या वर्ष 2018 में 646 थी, जो अब प्रदेश सरकार के प्रयासों बढ़कर 804 हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यूपी के देश में नंबर एक पर एथेनॉल उत्पादक राज्य होने के लिए बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बन रहा है। प्रधानमंत्री के स्वर्णिम भारत के विजन में उत्तर प्रदेश के जलवायु कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि भारत क्लाइमेट एक्शन (पर्यावरण संबंधी कार्य) पर काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय सोलर एलायंस का नेतृत्व भारत कर रहा है, जिसका दफ्तर गुरुग्राम में है। सूरीनाम जैसे छोटे देशों के लिए तूफान के पूर्वानुमान में भारत अपने सैटेलाइट के माध्यम से मदद कर रहा है। ज्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाले स्टील और सीमेंट उद्योग इसे करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। क्लाइमेट न्याय के तहत हर घर के अंदर उजाले की व्यवस्था भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन के इस कॉन्क्लेव में पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए क्षमता का निर्माण होगा। हरित विषयों पर चर्चा होगी। इसको लेकर वैधानिक सुधार (लीगल रिफॉर्म) की आवश्यकता भी रेखांकित करेंगे। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिस गति से महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, वो पूरे देश के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर प्रदेश के वन पर्यावरण जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सभी का स्वागत किया। आभार वन विभागाध्यक्ष ममता संजीब दुबे ने व्यक्त किया। राज्यमंत्री वन पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन केपी मलिक, केंद्रीय सचिव पर्यावरण एवं वन लीना नंदन, प्रदेश के अपर मुख्य सचिव वन मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सीएम संजय प्रसाद और देशभर से आए पर्यावरणविद मौजूद रहे।
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भूसरेड्डी समेत पर्यावरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए आगरा और गोरखपुर के प्रतिनिधियों, कृषि वानिकी के क्षेत्र में बाराबंकी के प्रगतिशील किसान मनोज कुमार शुक्ला और बॉयोफ्यूल के रूप में चीनी उत्पादन के अपशिष्ट से एथेनॉल निर्माण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर भूसरेड्डी को सम्मानित किया। सीएम और केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनी भी देखी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य की जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना, कार्बन न्यूट्रल इवेंट तथा उत्तर प्रदेश के विरासत वृक्षों पर आधारित पुस्तक के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया। उत्तर प्रदेश राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान केंद्र का बटन दबाकर शुभारंभ भी किया गया।