मेधावियों से बोले मुख्यमंत्री योगी, चुनौतियों से घबराएं नहीं, उनका सामना करें
- मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में सम्मानित हुए 1695 विद्यार्थी
- योगी ने कहा, छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज नहीं करें
- मुख्यमंत्री बोले, बच्चों से स्कूलों में सफाई कराने में कोई संकोच नहीं
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चे चुनौतियों से घबराएं नहीं, बल्कि पूरी शिद्दत के साथ उनका सामना करें। छोटी से छोटी बात पर ध्यान दें। छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज करना जीवन में नुकसानदेह हो सकता है। स्कूलों में स्वच्छता को जनांदोलन बनाएं। विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर स्कूलों में सफाई करने में संकोच नहीं करें।
मुख्यमंत्री रविवार को लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। शिक्षा प्राप्त कर युवा पीढ़ी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने का मार्ग भी प्रशस्त करना है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2019 के 1695 मेधावी विद्यार्थियों को नकद राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थियों के माता-पिता और उनके स्कूलों के प्रधानाचार्यों का भी सम्मान किया गया।
मेहनत और पुरुषार्थ से मिलेगी सफलता
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि विषम परिस्थिति है तो मानो कि अच्छे परिणाम आने वाले हैं। अच्छी परिस्थिति है तो उसे आगे तक बनाए रखने के लिए प्रयास करें। बच्चों को अपनी मेहनत और पुरुषार्थ के दम पर सफलता की नई ऊंचाई छूनी है।
बच्चों से स्कूलों में सफाई कराने में कोई संकोच नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी चीज को लावारिस या अनाथ मानने की प्रवृत्ति खराब है। सार्वजनिक संपत्ति सभी की है, उसका संरक्षण करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। स्कूल भी बच्चों का ही है, स्कूलों में बच्चे और शिक्षक सफाई करें तो उनकी शिकायत नहीं, सराहना करनी चाहिए।
योगी ने गोरखपुर स्थित अपने ट्रस्ट के पीजी कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 2008 से आज तक कोई सफाई कर्मचारी या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है। कॉलेज परिसर की सफाई से लेकर सभी व्यवस्थाएं वहां के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मिलकर करते हैं।
पहले केवल परीक्षा, परिणाम और छुट्टियां होती थीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले 3 महीने बोर्ड परीक्षाएं चलती थीं, तीन महीने में परिणाम आता था, तीन महीने त्योहार-पर्व की छुट्टियां होती थीं और तीन महीने महापुरुषों की जयंती की छुट्टियों में बीत जाते थे। हमने दो वर्ष में व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। अब परीक्षाएं मात्र 15 दिन में हो रही हैं, अप्रैल-मई तक सभी परिणाम जारी हो रहे हैं। महापुरुषों की जयंती पर छुट्टियों की जगह उनके बारे में बच्चों को जानकारियां दी जा रही हैं।
अभिभावकों को संदेश, शिक्षकों को नसीहत
मुख्यमंत्री ने समारोह में आए मेधावी विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी संदेश दिया। कहा कि बच्चों के पहले शिक्षक माता-पिता हैं, वे घर-परिवार में जैसे संस्कार और वातावरण देंगे, बच्चों का व्यक्तित्व वैसा ही बनेगा। वहीं शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि गुरुकुल परंपरा में आचार्य में वेतनबोध, मानदेय बोध नहीं बल्कि कर्तव्यबोध होता था। स्कूलों के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य की है।
102 मेधावियों को मंच पर किया सम्मानित
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2019 में राज्य स्तर पर प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 37, संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले 6, काउंसिल फॉर दि इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन दिल्ली की परीक्षा में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले प्रदेश के 26 तथा सीबीएसई की परीक्षा में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 33 मेधावी सहित 102 मेधावियों को मंच पर एक-एक लाख रुपये नकद, मेडल, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
1593 मेधावियों को 21-21 हजार रुपये और टैबलेट मिला
माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा में चौथे से दसवां स्थान प्राप्त करने वाले 18 मेधावी, माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला स्तर पर प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वाले 1575 विद्यार्थियों सहित कुल 1593 मेधावियों को 21 हजार रुपये नकद, एक टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कलमधारी ग्रेजुएट नहीं, कर्णधार बनें बच्चे : दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के बच्चे केवल कलमधारी ग्रेजुएट नहीं, बल्कि देश-प्रदेश के कर्णधार बनें। योगी सरकार ने देश में पहली बार इंटरमीडिएट के बच्चों को तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की है। पहले चरण में लखनऊ मंडल के मेधावी बच्चों के लिए एचसीएल से अनुबंध किया गया है।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 75 प्रतिशत और सीबीएसई की परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों का एचसीएल में पंजीकरण किया जा रहा है। बिट्स पिलानी से विद्यार्थियों के लिए कोर्स तैयार कराया गया है। पंजीकरण के बाद विद्यार्थियों को 15 महीने तक मानदेय मिलेगा और शिक्षा पूरी होने के बाद न्यूनतम ढाई लाख रुपये सालाना के पैकेज की नौकरी मिलेगी।
धर्म के मार्ग पर चलें, दिमाग पर नियंत्रण रखें : गुलाब देवी
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि बच्चे धर्म के मार्ग पर चलें और अपने दिमाग पर नियंत्रण रखें। जीवन में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है, विश्वास कभी नहीं टूटना चाहिए। विश्वास टूटने से प्रतिभा पर धब्बा लगता है।
योगी सरकार ने प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिया है, युवाओं की प्रतिभा से देश का भविष्य चमचमा उठेगा। समारोह में वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा, प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला, माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक विनय कुमार पांडेय, माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव, भगवती सिंह, विकास श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।