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बच्ची के इलाज में लापरवाही पर सीएम का आदेश, बरेली जिला अस्पताल के सीएमएस सस्पेंड
Wed, 19 Jun 2019 10:18 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 19 Jun 2019 10:18 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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बरेली में गंभीर रूप से बीमार एक बच्ची के इलाज में लापरवाही पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कमलेंद्र स्वरूप गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। इसी मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बरेली में गंभीर रूप से बीमार एक बच्ची के इलाज को लेकर जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों द्वारा बरती गई लापरवाही को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है।
जानकारी के अनुसार बीमार बच्ची को लेकर उसके पिता जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां बाल रोग विशेषज्ञ होने के बाद भी उसका इलाज न कर उसे महिला अस्पताल भेज दिया गया था। महिला अस्पताल में भी इलाज का कोई प्रयास नहीं किया गया और उसे वापस जिला अस्पताल भेज दिया गया था। इस मामले की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबित करने व महिला चिकित्सालय की सीएमएस के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बरेली में गंभीर रूप से बीमार एक बच्ची के इलाज को लेकर जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों द्वारा बरती गई लापरवाही को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है।
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जानकारी के अनुसार बीमार बच्ची को लेकर उसके पिता जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां बाल रोग विशेषज्ञ होने के बाद भी उसका इलाज न कर उसे महिला अस्पताल भेज दिया गया था। महिला अस्पताल में भी इलाज का कोई प्रयास नहीं किया गया और उसे वापस जिला अस्पताल भेज दिया गया था। इस मामले की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबित करने व महिला चिकित्सालय की सीएमएस के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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यह है पूरा मामला
पांच दिन की बच्ची का इलाज कराने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे एक पिता को अस्पताल के डॉक्टर तीन घंटे तक दौड़ लगवाते रहे। जिला अस्पताल से उन्हें महिला अस्पताल भेजा गया। महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने फिर जिला अस्पताल भेज दिया।
तीन घंटे तक पिता बच्ची के इलाज की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार बच्ची ने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद एडी हेल्थ ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
तीन घंटे तक पिता बच्ची के इलाज की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार बच्ची ने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद एडी हेल्थ ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।