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कोविड संक्रमण के आपदा काल में लें सभी सरकारी व निजी एंबुलेंस की सेवाएं: सीएम योगी
Sat, 20 Jun 2020 01:23 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 20 Jun 2020 01:23 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : ani
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 संक्रमण के आपदा काल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी व निजी एंबुलेंस की सेवाएं ली जाएं। एंबुलेंस के ड्राइवरों समेत सभी कार्मिकों को सैनिटाइजर, पीपीई किट व एन-95 मास्क अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
यह सुनिश्चित किया जाए कि एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम 10 मिनट से अधिक न हो। मुख्यमंत्री अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने संसाधनों के सर्वाधिक उपयोग पर जोर दिया। कहा कि ‘108’, ‘102’, एएलएस व निजी नर्सिंग होम की एंबुलेंस सहित सभी एंबुलेंस की सेवा प्राप्त की जाए।
टेस्टिंग क्षमता में सतत वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रत्येक जिले में एक टेस्टिंग लैब की स्थापना का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। जून माह के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज तथा मंडलीय चिकित्सालयों में लेवल-2 स्तर की टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एल-1 तथा एल-2 कोविड अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं।
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यह सुनिश्चित किया जाए कि एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम 10 मिनट से अधिक न हो। मुख्यमंत्री अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने संसाधनों के सर्वाधिक उपयोग पर जोर दिया। कहा कि ‘108’, ‘102’, एएलएस व निजी नर्सिंग होम की एंबुलेंस सहित सभी एंबुलेंस की सेवा प्राप्त की जाए।
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टेस्टिंग क्षमता में सतत वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रत्येक जिले में एक टेस्टिंग लैब की स्थापना का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। जून माह के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज तथा मंडलीय चिकित्सालयों में लेवल-2 स्तर की टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एल-1 तथा एल-2 कोविड अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं।
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जागरूकता के लिए संचार माध्यमों को उपयोग करें
सीएम ने कहा कि कोविड-19 से बचाव संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाए। इसके लिए संचार माध्यमों का भी उपयोग किया जाए। दूरदर्शन व आकाशवाणी पर कोरोना से बचाव संबंधी उपायों की जानकारी प्रसारित कराई जाए। ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों में कोरोना से बचाव व इसके उपचार की जानकारी देने वाली होर्डिंग्स लगाई जाएं।
अस्पतालों में दुरुस्त रखें उपकरण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों में सभी उपकरण दुरुस्त रहने चाहिए। एल-1 कोविड चिकित्सालयोें में कम से कम 10 प्रतिशत बेड ऑक्सीजन सुविधा युक्त होने चाहिएं। इसी प्रकार एल-2 चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की सुविधा वाले बेड के अलावा वेंटीलेटर युक्त कुछ बेड उपलब्ध रहने चाहिएं।
निवेश के नियमों को सरल बनाएं
सीएम ने कहा कि पूरे देश में निवेश की प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में प्रदेश में सर्वाधिक निवेश आए, इसके लिए नियमों का सरलीकरण जरूरी है। प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के लिए और तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कामगारों को रोजगार सुलभ कराने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराने के निर्देश दिए।
अस्पतालों में दुरुस्त रखें उपकरण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों में सभी उपकरण दुरुस्त रहने चाहिए। एल-1 कोविड चिकित्सालयोें में कम से कम 10 प्रतिशत बेड ऑक्सीजन सुविधा युक्त होने चाहिएं। इसी प्रकार एल-2 चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की सुविधा वाले बेड के अलावा वेंटीलेटर युक्त कुछ बेड उपलब्ध रहने चाहिएं।
निवेश के नियमों को सरल बनाएं
सीएम ने कहा कि पूरे देश में निवेश की प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में प्रदेश में सर्वाधिक निवेश आए, इसके लिए नियमों का सरलीकरण जरूरी है। प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के लिए और तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कामगारों को रोजगार सुलभ कराने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराने के निर्देश दिए।