टूटा अखिलेश का धैर्य, अफसरों को दी हिदायत
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सूबे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। समाज में अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ये बातें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां सोमवार को सूबे में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा, किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था के लिए वहां के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस कप्तान जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने आगाह करते हुए कहा, कर्तव्यपालन में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से सीधा संवाद कायम रखने पर जोर दिया।
सीएम ने प्रदेश में रात्रिकालीन पेट्रोलिंग व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, शहरों के बाहरी इलाकों में पेट्रोलिंग के दरम्यान विशेष सावधानी बरती जाए ताकि चोरी-डकैती जैसी घटनाओं को रोका जा सके। अपराध रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को दी काम की जानकारी
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कानून-व्यवस्था के लिए उठाए जा रहे कदमों और प्रयासों की जानकारी दी। कहा, सूबे में पुलिसकर्मियों की कमी को दूर के लिए आरक्षी से लेकर दरोगा तक की भर्ती की प्रक्रिया की गई है।
पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली, स्मार्ट सिटी सर्विलांस परियोजनाओं को राज्य स्तरीय डायल ‘100’ परियोजना के साथ एकीकृत करने की कार्यवाही चल रही है।
वहीं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की शिकायत ऑनलाइन दर्ज किए जाने की व्यवस्था की गई है।
मानव तस्करी की घटनाओं को रोकने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर एक टास्क फोर्स के गठन के निर्देश दिए गए हैं।