'कानून-व्यवस्था ही सरकार बनाएगी और बिगाड़ेगी'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली, सड़क, स्वास्थ्य व कानून-व्यवस्था ही सरकार बनाएगी और बिगाड़ेगी भी। ऐसे में इन मोर्चों पर बहुत जिम्मेदारी से काम करना होगा। डीएम बेहतर काम करेंगे तो सरकार की छवि अच्छी बनेगी। यदि गड़बड़ करेंगे तो खराब होगी।
वे आईएस वीक के तहत शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने अफसरों को बिना किसी भय के निष्पक्ष होकर ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएम व एसपी कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम चाहें तो 90 फीसदी समस्याओं का समाधान जिले में ही करवा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने कैंसर जैसी असाध्य बीमारी में मदद की पहल की। 102 व 108 एंबुलेंस सेवा सफल रही। सामाजिक सुरक्षा को लेकर समाजवादी पेंशन जैसी स्कीम शुरू की। जिलों को चार लेन सड़क से जोड़ा जा रहा है, लेकिन इन सबके अच्छे नतीजे तभी सामने आ सकते हैं जब डीएम ठीक से काम करें।
बेस्ट प्रैक्टिसेज के लिए बनेगा इनोवेशन सेल
मुख्यमंत्री ने मंडलों व जिलों में लोगों की सुविधाएं बढ़ाने व कामकाज आसान करने के लिए किए गए प्रयोगों पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों के लिए सरकार ने इनोवेशन सेल बनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि खाली पदों पर तेजी से भर्तियां शुरू की जा रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को जिलों के नोडल अफसरों के सुझावों पर ठीक से अमल का निर्देश भी दिया। सम्मेलन में कई जिलों के अधिकारियों ने अपने बेस्ट प्रैक्टिसेज को लेकर प्रजेंटेशन दिया।
विकास एजेंडे की उपलब्धि से होगा अफसरों का मूल्यांकन
मुख्यमंत्री ने विकास एजेंडे के क्रियान्वयन में सुस्ती पर कहा कि अब अधिकारियों की वार्षिक प्रविष्टि के समय देखा जाएगा कि संबंधित प्रमुख सचिव व सचिव के विभाग में एजेंडे पर कितना काम हुआ।
उन्होंने अधिकारियों को अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में ही वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और जरूरी नीतिगत निर्णय लेने का निर्देश दिया जिससे नई योजनाएं व विकास के काम तेजी से शुरू हों।
सिंचाई विभाग व इंजीनियरों पर बरसे
मुख्यमंत्री ने कहा,गोमती नदी पर काम हो रहा है। मुख्य सचिव वहां उद्घाटन करके आए तभी मैंने बता दिया था कि यह बंधा टूट जाएगा। दूसरे ही दिन अखबारों में पढ़ा कि बंधा टूट गया।
मुख्यमंत्री ने यह कहकर सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा, इंजीनियर पुराने खयालों से बाहर नहीं आ पा रहे। मैंने खुद हाईकोर्ट के नए भवन की डिजाइन बदलवाई। प्रदेश की खूबसूरत भवनों में इसकी गिनती होगी।
उद्योग विभाग में काम कम, बातें ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक उद्योगपति ने बताया कि उद्योग विभाग में काम कम, बातें ज्यादा होती हैं। हालांकि इसके बावजूद दुनिया की तमाम नामी कंपनियां निवेश के लिए प्रदेश में आ रही हैं।
एक कंपनी तीन राज्यों में विश्वविद्यालय बनाने का विकल्प लेकर आई थी जिनमें यूपी भी था। हमने उसे जमीन मुहैया कराने के लिए आश्वस्त किया। बताते चलें कुछ दिन पहले ही औद्योगिक विकास विभाग और लघु उद्योग विभागों के प्रमुख सचिवों को हटा दिया गया था।
वारदात का करें सही व सटीक खुलासा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वारदात होती है तो कोई भी सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन इसका खुलासा सही और सटीक होना चाहिए। गलतबयानी नहीं होनी चाहिए। समझा जाता है कि उनका इशारा राजधानी में गौरी हत्याकांड के खुलासे को लेकर मीडिया में उठ रहे सवालों की ओर था।
प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर के आग्रह पर मुख्यमंत्री विभाग में साफ-सफाई को लेकर कराए गए कार्यों को भी देखने पहुंचे। वित्त विभाग ने गलियों में रेड कार्पेट के साथ ही गमलों में पौधे रखवाए हैं। सीएम ने अनुभागों को भी देखा।
कमिश्नर-डीएम करें फील्ड का दौरा : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अफसरों को ज्यादा से ज्यादा फील्ड भ्रमण का निर्देश दिया। सम्मेलन को योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीनचंद्र वाजपेयी ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष जावेद उस्मानी, कृषि उत्पादन आयुक्त वीएन गर्ग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह, प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पण्डा व डीजीपी एके जैन आदि उपस्थित रहे।