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Lucknow News: सीमैप के अरोमा मिशन को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार
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लखनऊ। औषधीय व सुगंधित फसलों के विकास के साथ किसानों की आजीविका व उनके सपनों को जोड़ने वाली सीएसआईआर-सीमैप के अरोमा मिशन की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। सुगंधित फसलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 (विज्ञान टीम) से नवाजा गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान किया। टीम की ओर से यह पुरस्कार मिशन डायरेक्टर डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने ग्रहण किया। समारोह में मिशन को धार देने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक कालरा, एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी, सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमेश श्रीवास्तव और डॉ. संजय कुमार आदि शामिल रहे।
मिशन से बढ़ी किसानों की आय
यह पुरस्कार वैज्ञानिक नवाचार, किसान केंद्रित तकनीकों और सतत तकनीकी सहयोग से सुगंधित फसलों के क्षेत्र को मजबूत करने में मिशन की भूमिका को रेखांकित करता है। इस मिशन को देश में लैवेंडर आधारित कृषि-उद्यमिता को नई दिशा देने का श्रेय भी जाता है। इस पहल ने प्रयोगशाला में विकसित शोध को सीधे किसानों की आय, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर कहा कि अरोमा मिशन ने लैवेंडर को केवल फसल ही नहीं, बल्कि हिमालयी क्षेत्रों में आजीविका का सशक्त मॉडल बना दिया है। जम्मू कश्मीर से शुरू हुई पहल उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच चुकी है। इससे आवश्यक तेलों के आयात पर निर्भरता भी घटी है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान किया। टीम की ओर से यह पुरस्कार मिशन डायरेक्टर डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने ग्रहण किया। समारोह में मिशन को धार देने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक कालरा, एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी, सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमेश श्रीवास्तव और डॉ. संजय कुमार आदि शामिल रहे।
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मिशन से बढ़ी किसानों की आय
यह पुरस्कार वैज्ञानिक नवाचार, किसान केंद्रित तकनीकों और सतत तकनीकी सहयोग से सुगंधित फसलों के क्षेत्र को मजबूत करने में मिशन की भूमिका को रेखांकित करता है। इस मिशन को देश में लैवेंडर आधारित कृषि-उद्यमिता को नई दिशा देने का श्रेय भी जाता है। इस पहल ने प्रयोगशाला में विकसित शोध को सीधे किसानों की आय, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर कहा कि अरोमा मिशन ने लैवेंडर को केवल फसल ही नहीं, बल्कि हिमालयी क्षेत्रों में आजीविका का सशक्त मॉडल बना दिया है। जम्मू कश्मीर से शुरू हुई पहल उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच चुकी है। इससे आवश्यक तेलों के आयात पर निर्भरता भी घटी है।
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