{"_id":"683b6ced4d395c7acd01162c","slug":"child-dies-one-hour-after-operation-for-boil-uproar-ensues-lucknow-news-c-13-1-lko1029-1230233-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: फोड़े के ऑपरेशन के एक घंटे बाद बच्चे की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: फोड़े के ऑपरेशन के एक घंटे बाद बच्चे की मौत, हंगामा
विज्ञापन
लखनऊ। दुबग्गा के अंधे की चौकी स्थित न्यू वेदांता हॉस्पिटल में सीने में निकले फोड़े के ऑपरेशन के बाद पांच साल के मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
हरदोई के बेनीगंज निवासी किसान बैजनाथ मौर्या के बेटे प्रांजल के सीने में फोड़ा था। परिजनों ने हरदोई के कोथावां स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से लखनऊ में दुबग्गा के अंधे की चौकी स्थित न्यू वेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने शुक्रवार दोपहर प्रांजल को यहां भर्ती कराया।
ऑपरेशन के एक घंटे के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई। मां रूबी ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मामला शांत कराया। परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक व डॉक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत की है। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
अस्पताल के निदेशक धीरेंद्र यादव का कहना है कि बच्चे के फोड़े का ऑपरेशन नहीं किया गया था। फोड़े की सफाई के दौरान बच्चे को दिल का दौरा पड़ गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
हरदोई के बेनीगंज निवासी किसान बैजनाथ मौर्या के बेटे प्रांजल के सीने में फोड़ा था। परिजनों ने हरदोई के कोथावां स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से लखनऊ में दुबग्गा के अंधे की चौकी स्थित न्यू वेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने शुक्रवार दोपहर प्रांजल को यहां भर्ती कराया।
विज्ञापन
ऑपरेशन के एक घंटे के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई। मां रूबी ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मामला शांत कराया। परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक व डॉक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत की है। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
अस्पताल के निदेशक धीरेंद्र यादव का कहना है कि बच्चे के फोड़े का ऑपरेशन नहीं किया गया था। फोड़े की सफाई के दौरान बच्चे को दिल का दौरा पड़ गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।