लॉकडाउन खोलने पर फैसला 11-12 को केंद्र से बातचीत के बाद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन खोलने के बारे में फैसला 11-12 अप्रैल को केंद्र सरकार से बातचीत के बाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब्लीगी जमात के कारण अचानक कुछ परिस्थितियां बदली हैं। अब तक प्रदेश में 314 केस हैं जिनमें 168 केस जमातियों के हैं। इससे स्थितियां कुछ बिगड़ी हैं। जमातियों ने चिंता को बढ़ा दिया है। इसके बाद भी स्थिति हमारे नियंत्रण में है।
योगी ने कहा कि मीडियाकर्मियों को फेक न्यूज, अफवाह और अलगाववाद जैसी खबरों से सजग रहना चाहिए। उन्होंने स्वअनुशासन और सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर देते हुए कहा कि इसका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। मीडिया को भी इसके प्रति जागरुकता में सरकार से सहयोग करना चाहिए।
सीएम योगी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों के पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में शासन, प्रशासन और आमजन की सहभागिता के साथ ही मीडिया की भूमिका बहुत अहम है। जागरुकता पैदा करने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। इस दौरान योगी ने मीडियाकर्मियों के साथ कोरोना से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों व सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से सुझाव भी मांगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पत्रकारों ने लॉकडाउन खुलने की समय सीमा, कम्युनिटी किचन, सर्विलांस बढ़ाने, जनसहभागिता आदि से संबंधित सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सुझावों पर गंभीरता से अमल करने को आश्वासन भी दिया। योगी ने कहा कि लॉकडाउन कब खुलेगा इस पर 11-12 अप्रैल को केंद्र से बातचीत करने के बाद ही फैसला किया जाएगा।
बिना भेदभाव सभी मिलकर करें मुकाबला
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक संक्रमित बीमारी है। जो पंथ, मत, संप्रदाय, धर्म और मजहब नहीं देखती है। इसके लिए जरूरी है कि हम सभी बिना किसी भेदभाव के एक साथ इसका मुकाबला करें। योगी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अफसरों, स्वास्थ्यकर्मियों व अन्य लोगों को स्वयं को बचाने की हिदायत दी गई है। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए निर्णय व उपायों से देश में इस पर अब तक नियंत्रण किया जा सका है।
पीएम मोदी द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के कारण ही देश में कोरोना सेकंड स्टेज पर रूक गया है। योगी ने कहा कि मीडिया का हर समाज पर गहरा असर होता है, इस कारण सभी से अपील करने के लिए यह पहल की गई है। योगी ने कहा कि मीडियाकर्मी अपने सुझाव मौखिक व लिखित रूप में दे सकते हैं।
मास्क के बारे में जागरूक करने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को मास्क के विषय में भी जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी कॉटन व कपड़े से तैयार ट्रिपल लेयर मास्क को सबसे अच्छा बताया है। एन- 95 मास्क मेडिकल प्रैक्टिस करने वालों के लिए ही जरूरी है। जनसामान्य के लिए कपड़े से तैयार मास्क बेहतर है। अगर मास्क नहीं उपलब्ध है तो साफ कपड़ा, साफ तौलिया व बड़े रूमाल का प्रयोग मास्क के तौर पर हो सकता है। उन्होंने इन बातों पर जागरूकता के लिए मीडिया से सहयोग मांगा।