सप्ताह के अंत तक रोज 10 हजार टेस्ट कराएं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- मुख्यमंत्री ने कहा- सभी जिलों में पर्याप्त थर्मल स्कैनर, अल्ट्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराएं।
- प्रवासी कामगार, पैदल व दोपहिया वाहन से असुरक्षित यात्रा न करें।
- मुख्यमंत्री ने कहा- सभी जिलों में पर्याप्त थर्मल स्कैनर, अल्ट्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराएं।
- प्रवासी कामगार, पैदल व दोपहिया वाहन से असुरक्षित यात्रा न करें।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में थर्मल स्कैनर व अल्ट्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि करते हुए सप्ताह के अंत तक रोज 10 हजार टेस्ट कराने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी प्रवासी कामगार, पैदल व दोपहिया वाहन से असुरक्षित यात्रा न करें। इन्हें बस और ट्रेन घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। क्वारंटीन सेंटर व आश्रय स्थलों में इनके लिए अच्छे प्रबंध किए जाएं। वहां साफ-सफाई की व्यवस्था हो और शुद्ध व पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए।
श्रमिकों के गृह जिलों में क्वारंटीन सेंटर पर थर्मल स्कैनिंग और पूल टेस्टिंग से जांच की व्यवस्था की जाए। जो स्वस्थ हों, उन्हें राशन किट देकर होम क्वारंटीन कराएं। इस दौरान उन्हें एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाए। प्रदेश में हर परिवार को आवश्यकतानुसार अनाज उपलब्ध कराया जाए।
अफसरों को सौंपें क्वारंटीन सेंटर व कम्युनिटी किचन की निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा, लोग मास्क या फेस कवर लगाकर ही बाहर निकलें। उन्होंने सभी डीएम को उनके सहयोग देने के लिए नामित आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को क्वारंटीन सेंटर, शेल्टर होम तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की मॉनिटरिंग देने को कहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से अधिक से अधिक निगरानी समितियों से संवाद कर इनकी मॉनिटरिंग की जाए। सर्विलांस टीम अब तक तीन करोड़ से अधिक लोगों से बातचीत कर चुकी है।
सभी वेंटिलेटर क्रियाशील रखें
सीएम ने कहा कि सभी वेंटिलेटरों को क्रियाशील रखा जाए। अधिक से अधिक चिकित्सा कर्मियों को वेंटिलेटर संचालन की ट्रेनिंग दी जाए। नर्सिंग होम व निजी अस्पतालों सहित सभी चिकित्सालयों में पीपीई, एन-95 मास्क तथा सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
आरोग्य सेतु, आयुष कवच कोविड एप का प्रचार करें
मुख्यमंत्री ने कहा, इम्युनिटी विकसित कर वायरस से बचा जा सकता है। भारत सरकार के ‘आरोग्य सेतु’ एप तथा प्रदेश सरकार के ‘आयुष कवच-कोविड’ एप का प्रचार करने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को डाउनलोड करने के लिए कहें।
प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग जारी रखें
सीएम ने कहा कि चुनौती को अवसर में बदलने के लिए कठिन समय में सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है। एमएसएमई सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए उनकी स्किल मैपिंग जारी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए अचार, पापड़ की कम्युनिटी किचन में आपूर्ति की जाए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए मास्क और अंगोछे आवश्यक हैं। वर्तमान समय में इनकी मांग भी अधिक है। महिला स्वयं सहायता समूहों को मास्क तथा अंगौछा तैयार करने के कार्यों से जोड़ते हुए समूहों की आय में वृद्धि की जा सकती है।