योगी का ऐलान, तीन तलाक को खत्म करने की पहल करेगी यूपी सरकार
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तीन तलाक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर कहा है कि यह एक रुढ़िवादी प्रथा है जिसे खत्म होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके आवास पर रोज दर्जनों मुस्लिम महिलाएं अपनी फरियाद लेकर आती हैं और सभी की एक ही शिकायत रहती है कि पति ने तीन तलाक बोलकर उसे छोड़ दिया है। इसलिए प्रदेश सरकार भी इस कुप्रथा को समाप्त करने की पहल करेगी।
सरकार मुस्लिम महिलाओं की अर्जियों को एकत्र करके सुप्रीम कोर्ट को सौंप देगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
तीन तलाक पर सरकार के नजरिए के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा, एक तरफ तो महिलाओं को सशक्त बनाने की बात कही जा रही है, वहीं तीन तलाक बोलकर एक बड़े तबके में महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह एक रुढ़िवादी व्यवस्था है जिसे समाप्त होना चाहिए।
मुस्लिम महिलाओं को भी सम्मान के साथ जीने का हक
उन्होंने कहा, जनता दर्शन के दौरान रोज 25 से 30 मुस्लिम महिलाएं उनसे मिलती हैं। सबकी पीड़ा बस एक है कि उनके पति ने तीन तलाक बोलकर छोड़ दिया है।
सीएम ने कहा, अन्य समुदाय की महिलाओं की तरह मुस्लिम महिलाओं को भी सम्मान से जीने का अधिकार है, इसलिए इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए उनकी सरकार भी पहल करेगी।
मुस्लिम महिलाओं की अर्जियों को एकत्र करके प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट को दे देगी ताकि शीर्ष अदालत को फैसला करने में मदद मिले।
कहा, यह मुद्दा सिर्फ मुस्लिम महिलाएं ही नहीं बल्कि सभी महिलाओं के अस्तित्व से जुड़ा है। इसलिए प्रदेश सरकार चाहती है कि सभी वर्ग की महिलाओं को उनका अधिकार मिले।
बसपा की खीझ का नतीजा है सहारनपुर की घटना
मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर की घटना बसपा की खीझ का नतीजा है। इसके लिए उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती को जिम्मेदार ठहराया और कहा, वह अपना अस्तित्व बचाने के लिए जातिगत राजनीति का सहारा ले रही हैं।
वह तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, फिर भी जातिगत राजनीति के बल पर आगे बढ़ने की कोशिश में लगी हैं लेकिन उनकी यह मंशा सफल नहीं हो पाएगी।
कहा कि वहां कोई जातीय संघर्ष नहीं हुआ था, बल्कि बसपा नेताओं के भड़काऊ भाषण की वजह से पैदा हुआ विवाद था। सरकार किसी भी सूरत में जाति व सांप्रदायिक तनाव नहीं होने देगी।
सपने दिखाए हैं तो उसे साकार भी करेंगे
रोज हो रही घटनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में योगी ने कहा, जब किसी की मौत होने वाली होती है तो वह तेजी से सांस लेता है। प्रदेश में अब अपराध की मौत होने वाली है।
मथुरा में आभूषण व्यापारियों की हत्या का खुलासा और फिरोजाबाद में अपहृत उद्योगपति को तीन घंटे के भीतर मुक्त कराने का जिक्र करते हुए कहा, पांच साल में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने में समय लगेगा।
न सपा बचेगी न विपक्ष का अस्तित्व
2019 में भाजपा द्वारा 2014 दोहराने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा ने इससे पहले हुए दोनों चुनावों में जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को आधार नहीं बनाया था और अगले चुनाव में भी इस तरह की राजनीति को स्थान नहीं देगी।
सिर्फ विकास के एजेंडे पर लड़कर भाजपा सभी 80 सीटें जीतेगी। अगले चुनाव में सपा परिवारवादी पार्टी बनकर रह जाएगी और बसपा का भी अस्तित्व नहीं बचेगा। जिस तरह विस चुनाव में विपक्ष लगभग समाप्त हो गया है, उसी तरह लोकसभा चुनाव में खत्म हो जाएगा।
दोनों पक्षों की रजामंदी से बनेगा राम मंदिर
राम मंदिर बनवाने में सरकार की भूमिका पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री बोले- भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में भी कहा है कि संविधान के दायरे में रहकर इस मुद्दे का हल निकाला जाएगा। इसलिए इसका समाधान दोनों पक्षों की रजामंदी से हो सकता है।
चूंकि इस मुद्दे में सरकार पक्ष नहीं है, इसलिए अगर दोनों पक्ष मिलकर सरकार से कोई सहयोग मांगेंगे तो विचार करेंगे। कहा, हम उन्हें भारत का वंशज मानते हैं, बाबर व औरंगजेब के खानदान का नहीं, इसलिए हम उनसे अपील करते हैं कि पिछली गलतियों को सुधारने में अपनी भूमिका बढ़ाएं।
शिवपाल को भाजपा में आने का ऑफर नहीं
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बारे में पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा, भाजपा ने उन्हें कोई ऑफर नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने कहा, जो भी सकारात्मक सोच के साथ आएगा, सरकार उसका स्वागत करेगी।
जेई व एईएस के खिलाफ अभियान 25 से
पूर्वी यूपी में जापानी इंसेफलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की रोकथाम के लिए सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसके लिए हमने कार्ययोजना बनाई है।
वैसे इस रोग के प्रभाव को कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका स्वच्छ भारत मिशन के तहत संचालित कार्यक्रम की होगी। दोनों जानलेवा रोगों से प्रभावित 38 जिलों में उपचार की मजबूत व्यवस्था की गई है।
सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पतालों मेंइलाज की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। इस रोग का प्रसार रोकने के लिए स्वच्छ अभियान की शुरुआत 25 मई से कुशीनगर से होगी, जिसमें वह खुद शामिल होंगे।