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छठ महापर्व : आज नहाय खाय...कल खरना, घरों व सार्वजनिक स्थलों पर भी कुंड तैयार किए गए

Sat, 25 Oct 2025 08:33 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Sat, 25 Oct 2025 08:33 AM IST
सार

यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की कामना, संतान की दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन के लिए किया जाता है। छठ पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में ठेकुआ, मालपुआ, चावल के लड्डू, फलों और नारियल का इस्तेमाल किया जाता है।

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Chhath Mahaparva: Today is Nahai Khay… tomorrow is Kharna, ponds have been prepared in homes and public places
नदी किनारे सफाई कार्य के दौरान छठ पूजा की तैयारी करते कर्मी।

विस्तार

शुरुआत शनिवार को नहाय खाय से हो रही है। रविवार को खरना से व्रत की शुरुआत होगी। इसे लेकर राजधानी में पांच लाख से अधिक परिवारों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गोमती किनारे लक्ष्मण मेला मैदान समेत अन्य घाटों पर सुशोभिताएं सज चुकी हैं और बाजारों में पूजन सामग्री खरीदने के लिए शुक्रवार शाम को जबरदस्त भीड़ उमड़ी। छठ मैया के पूजन के लिए मंदिरों, घरों व सार्वजनिक स्थलों पर भी कुंड तैयार किए गए हैं।

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छठ पर्व भगवान सूर्य और पष्ठी माता को समर्पित है जो षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठ मैया की पूजा की जाती है। छठ मैया के बारे में कथा है कि यह ब्रह्माजी की मानस पुत्री हैं और सूर्यदेव की बहन हैं। शास्त्रों में छठ मैया को संतान की रक्षा करने वाली और संतान सुख देने वाली देवी के रूप में बताया गया है, जबकि सूर्यदेव अन्न और संपन्नता के देवता हैं। 
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27 अक्तूबर को सूर्योदय का समय छठ पूजा के दिन प्रातः काल 6:13 बजे रहेगा। 27 अक्तूबर को सूर्यास्त का समय छठ पूजा के दिन सायंकाल 05:27 बजे रहेगा। 28 अक्तूबर को सूर्योदय का समय प्रातःकाल 6:13 बजे रहेगा।
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यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की कामना, संतान की दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन के लिए किया जाता है। छठ पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में ठेकुआ, मालपुआ, चावल के लड्डू, फलों और नारियल का इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रसाद शुद्ध सामग्री से बनाए जाते हैं और सूर्य देवता को अर्पित किए जाते हैं।

सीएम के लिए अलग से बनाया रास्ता 
सबसे बड़ा आयोजन लक्ष्मण मेला घाट पर होगा। प्रशासन के सहयोग से अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से हो रहे आयोजन में 27 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को पहुंचेंगे और भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे।

अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि इस बार मुख्यमंत्री के लिए अलग से रास्ता बनाया गया है। दोनों उप मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक भी शामिल होंगे। शुक्रवार को छठ की तैयारियों के मद्देनजर भोजपुरी समाज के मनोज सिंह, वेद प्रकाश राय, मनोज राय, सुनील सिंह, एसपी चौहान, सुरेश कुशवाहा, अवधेश आदि लोग उपस्थित रहे।

बाजारों में दिखी रौनक
दीपावली के बाद से ही शहर के बाजारों में पारंपरिक वस्तुओं की रौनक देखने को मिल रही है। बांस की बस्तुएं सूप और दउरा (टोकरी) की बिक्री में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। जानकीपुरम स्थित बाजार में शुक्रवार को पूजा सामग्री की दुकानों पर खासा उत्साह दिखा। दुकानदार आनंद कुमार के अनुसार, इस बार बांस की सामग्री के साथ-साथ फलों और सब्जियों की मांग भी बढ़ी है।


बांस की वस्तुओं को इस बार अधिक रचनात्मकता के साथ तैयार किया गया है। महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। मिट्टी के दीए, कलश, पैला और खिलौनों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। छठ पूजा में चढ़ाए जाने बाले मौसमी फल और सब्जियों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी है। कद्दू, इमली, अरबी, केला, नारियल, सिंघाड़ा, सेब, हल्दी, अदरक, मूली और गन्ना (ईख) की भरपुर मांग है। 

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