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केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में हड़ताल पर रहे दवा व्यापारी, प्रदेश भर में दुकाने बंद
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Tue, 30 May 2017 02:05 PM IST
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ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता से लेकर विक्रेता तक के पंजीकरण की बाध्यता के विरोध में मंगलवार को प्रदेश भर में दवा व्यापार बंद रहा। सभी प्रदेश व जिला मुख्यालयों पर दवा कारोबारियों ने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
बंद का आह्वान ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ने किया है। यूपी फेडरेशन के संरक्षक गिरिराज रस्तोगी और प्रवक्ता विकास रस्तोगी ने कहा कि केंद्र सरकार ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता, सीएनएफ एजेंट व स्टॉकिस्ट के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर रही है।
बिना रजिस्ट्रेशन दवा बिक्री की इजाजत नहीं होगी। फुटकर विक्रेताओं को डॉक्टर का पर्चा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी वह किसी को दवा दे सकेंगे। साथ ही दवाओं का बिल अपलोड करना होगा। थोक कारोबारियों को इनवाइस अपलोड करनी होगी। ये नियम पूरी तरह औचित्यहीन हैं।
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जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है वहां के व्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। ऐसे नियमों को दवा व्यापारी बर्दाश्त नहीं करेंगे।इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों से मुलाकात की गई थी लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसी के बाद प्रदेश व देश भर में बंद का फैसला किया गया है।
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बंद का आह्वान ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ने किया है। यूपी फेडरेशन के संरक्षक गिरिराज रस्तोगी और प्रवक्ता विकास रस्तोगी ने कहा कि केंद्र सरकार ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता, सीएनएफ एजेंट व स्टॉकिस्ट के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर रही है।
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बिना रजिस्ट्रेशन दवा बिक्री की इजाजत नहीं होगी। फुटकर विक्रेताओं को डॉक्टर का पर्चा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी वह किसी को दवा दे सकेंगे। साथ ही दवाओं का बिल अपलोड करना होगा। थोक कारोबारियों को इनवाइस अपलोड करनी होगी। ये नियम पूरी तरह औचित्यहीन हैं।
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जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है वहां के व्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। ऐसे नियमों को दवा व्यापारी बर्दाश्त नहीं करेंगे।इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों से मुलाकात की गई थी लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसी के बाद प्रदेश व देश भर में बंद का फैसला किया गया है।