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चौक की हवा सबसे खबरा, चारबाग में शोर ज्यादा
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चौक इलाके की हवा सबसे प्रदूषित। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
राजधानी के ऐतिहासिक और पुराने इलाके चौक की हवा सबसे अधिक जहरीली है। यही नहीं, मानक से तीन गुना तक अधिक सूक्ष्मकण की मौजूदगी मिली है।
यह चौंकाने वाली बात सामने आई है भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) की पोस्ट मानसून रिपोर्ट में। आवासीय इलाकों में से सबसे अधिक प्रदूषण विकासनगर में रिकॉर्ड किया गया है। जबकि चारबाग में शोर सबसे ज्यादा रहा।
सोमवार को आईआईटीआर के वार्षिक दिवस समारोह पर निदेशक डॉ. एसके बारिक ने वायु प्रदूषण के आकलन की पोस्ट मानसून रिपोर्ट-2021 को रिलीज किया।
सितंबर और अक्तूबर में नौ लोकेशन पर हुए सर्वे में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इलाकों को शामिल किया गया।
आवासीय में अलीगंज, विकासनगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर को रखा गया जबकि, व्यावसायिक में चारबाग, आलमबाग, अमीनाबाद, चौक और औद्योगिक में अमौसी क्षेत्र को शामिल किया गया।
प्रदूषण के कारक पीएम-10, पीएम-2.5 जहां मानक से अधिक हैं। वहीं, एसओ2 और एनओ2 मानक से अधिक बढे़ हुए हैं।
लॉकडाउन की तुलना में बढ़ा प्रदूषण
आईआईटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 की तुलना में इस बार वायु प्रदूषण का आंकड़ा बढ़ा हुआ है। पिछले साल लॉकडाउन के चलते व्यावसायिक गतिविधियां कम होने से वायु प्रदूषण घट गया था। अब व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा यातायात और निर्माण कार्य भी बढ़ा है। ऐसे में पीएम-10 45.6 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी तरह शोर भी बढ़ गया है।
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ऐसी मिली हवा की सेहत
लोकेशन औसत पीएम10 औसत पीएम2.5 औसत एसओ2 औसत एनओ2
अलीगंज 131.6 76.2 13.7 35.4
विकासनगर 140.9 75.3 11.6 38.0
इंदिरानगर 123.6 63.3 13.4 28.4
गोमतीनगर 115.0 82.8 12.5 35.1
चारबाग 159.4 86.2 16.1 41.9
आलमबाग 163.3 68.0 15.0 43.7
अमीनाबाद 195.7 63.4 15.1 41.9
चौक 217.8 97.8 13.8 29.1
अमौसी 193.5 99.0 16.1 34.2
(ये आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घनमी. में दिए गए हैं। नैक्स के मानक पीएम-10 के लिए 100, पीएम-2.5 के लिए 60, एसओ2 के लिए 80 और एनओ2 के लिए 80 है। डब्ल्यूएचओ में यह मानक क्रमश: 45, 15, 20 और 40 हैं।)
सीएनजी वाहनों में सिर्फ निजी कारों का बढ़ रहा काफिला
पिछले साल की तुलना में इस बार वाहनों की संख्या में 4.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब, वाहनों की संख्या 24.07 लाख की जगह 25.14 लाख हो गई है। हालांकि, यह कोविड पूर्व की तुलना में कम है। इससे पेट्रोल में 3.8 प्रतिशत और सीएनजी के उपयोग में 65.5 प्रतिशत की कमी आई। निर्माण कार्यों के चालू रहने और जनरेटर के उपयोग से डीजल की खपत में बढ़ोतरी देखने को मिली। एक बड़ा बदलाव पेट्रोल और डीजल की बढ़ी दरों से आया है। सीएनजी वाहनों में निजी कारों की बिक्री बढ़ी है। दूसरे वर्ग के वाहनों की बिक्री इधर नहीं बढ़ी है। इसके उलट निजी कारों के वर्ग में इस साल 15.9 फीसदी अधिक बिक्री लखनऊ में हुई है।
प्रदूषण का मुख्य स्रोत
वाहनों का धुआं, जनरेटर का उपयोग, भवन निर्माण, खुले में कूड़ा जलाना।
इस टीम ने किया सर्वे
डॉ. जीसी किस्कू, ईएच खान, डॉ. बी श्रीकांत, एन मणिक्कम, प्रदीप शुक्ला, सुशीज सरोज, पुनीत कुमार, अंकित कुमार, हरिओम प्रसाद, एसएस काली किंकर महंता, प्रिया सक्सेना, अब्दुल अतीक सिद्दीकी, अभिषेक वर्मा, अंकित गुप्ता, रवि सिंह, वीरेश कुमार, मो. मुजम्मिल।
चारबाग में शोर सबसे अधिक
लोकेशन ध्वनि प्रदूषण (दिन/रात)
अलीगंज 66.9/59.2
विकासनगर 63.9/57.8
इंदिरानगर 72.9/62.5
गोमतीनगर 64.7/61.1
चारबाग 77.2/79.5
आलमबाग 71.4/66.3
अमीनाबाद 76.2/69.8
चौक 78.1/67.2
अमौसी 66.9/59.2
(आवासीय इलाकों में दिन के समय ध्वनि अधिकतम 55 और रात में 45 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। व्यावसायिक इलाकों में यह आंकड़ा 65 और 55 है। औद्योगिक इलाकों में 75 और 70 डेसीबल का मानक है।)
मशीन लर्निंग, एआई पर काम करेगा आईआईटीआर
आईआईटीआर के 56वें वार्षिक दिवस समारोह में निदेशक डॉ. एसके बारिक ने बताया कि कोरोना से नई तकनीकों में वैज्ञानिक संस्थाओं के योगदान में बदलाव की जरूरत सामने आई है। आईआईटीआर भी अब मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक पर काम शुरू करेगा। वहीं 25वें एसएच जैदी व्याख्यान में यूएसए के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल मेंटल साइंसेज के निदेशक डॉ. रिचर्ड वोयचिक ने कहा कि पूरी दुनिया के सामने पर्यावरण के बिगड़ने से स्वास्थ्यगत चुनौतियां खड़ी हैं। इन पर रणनीति बनाकर निपटने की आवश्यकता है।
ऐसे बचाया जा सकता है पर्यावरण
- ग्रीन कवर बढ़ाया जाए
- कंक्रीट डिवाइडर की जगह पेड़ पौधे लगाए जाने लायक डिवाइडर बनें
- पेट्रोल, डीजल की जगह अल्ट्रा प्योर लो सल्फर फ्यूल को प्राथमिकता दी जाए
- यातायात सुधार पर काम हो
- मेट्रो व पब्लिक ट्रांसपोर्ट को वरीयता दी जाए
- फैक्टरियों में चिमनी की वांछित ऊंचाई सुनिश्चित हो, वहीं स्क्रबर, बैग फिल्टर, प्रेसीपिटेटर का उपयोग हो।
- सड़कों पर धूल न उड़ने दी जाए
पानी का छिड़काव, 100 टन मलबा उठाया
सख्ती के बाद भी लोग खुले में मलबा डालने और बिना ग्रीन नेट लगाए निर्माण कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सोमवार को नगर निगम ने कार्रवाई कर 50 हजार जुर्माना वसूला। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि अलग-अलग इलाकों में 100 टन से अधिक मलबा भी उठाया। वहीं, स्मॉग गन व टैंकरों सहित करीब 50 गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया गया।
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यह चौंकाने वाली बात सामने आई है भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) की पोस्ट मानसून रिपोर्ट में। आवासीय इलाकों में से सबसे अधिक प्रदूषण विकासनगर में रिकॉर्ड किया गया है। जबकि चारबाग में शोर सबसे ज्यादा रहा।
सोमवार को आईआईटीआर के वार्षिक दिवस समारोह पर निदेशक डॉ. एसके बारिक ने वायु प्रदूषण के आकलन की पोस्ट मानसून रिपोर्ट-2021 को रिलीज किया।
सितंबर और अक्तूबर में नौ लोकेशन पर हुए सर्वे में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इलाकों को शामिल किया गया।
आवासीय में अलीगंज, विकासनगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर को रखा गया जबकि, व्यावसायिक में चारबाग, आलमबाग, अमीनाबाद, चौक और औद्योगिक में अमौसी क्षेत्र को शामिल किया गया।
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प्रदूषण के कारक पीएम-10, पीएम-2.5 जहां मानक से अधिक हैं। वहीं, एसओ2 और एनओ2 मानक से अधिक बढे़ हुए हैं।
लॉकडाउन की तुलना में बढ़ा प्रदूषण
आईआईटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 की तुलना में इस बार वायु प्रदूषण का आंकड़ा बढ़ा हुआ है। पिछले साल लॉकडाउन के चलते व्यावसायिक गतिविधियां कम होने से वायु प्रदूषण घट गया था। अब व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा यातायात और निर्माण कार्य भी बढ़ा है। ऐसे में पीएम-10 45.6 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी तरह शोर भी बढ़ गया है।
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ऐसी मिली हवा की सेहत
लोकेशन औसत पीएम10 औसत पीएम2.5 औसत एसओ2 औसत एनओ2
अलीगंज 131.6 76.2 13.7 35.4
विकासनगर 140.9 75.3 11.6 38.0
इंदिरानगर 123.6 63.3 13.4 28.4
गोमतीनगर 115.0 82.8 12.5 35.1
चारबाग 159.4 86.2 16.1 41.9
आलमबाग 163.3 68.0 15.0 43.7
अमीनाबाद 195.7 63.4 15.1 41.9
चौक 217.8 97.8 13.8 29.1
अमौसी 193.5 99.0 16.1 34.2
(ये आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घनमी. में दिए गए हैं। नैक्स के मानक पीएम-10 के लिए 100, पीएम-2.5 के लिए 60, एसओ2 के लिए 80 और एनओ2 के लिए 80 है। डब्ल्यूएचओ में यह मानक क्रमश: 45, 15, 20 और 40 हैं।)
सीएनजी वाहनों में सिर्फ निजी कारों का बढ़ रहा काफिला
पिछले साल की तुलना में इस बार वाहनों की संख्या में 4.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब, वाहनों की संख्या 24.07 लाख की जगह 25.14 लाख हो गई है। हालांकि, यह कोविड पूर्व की तुलना में कम है। इससे पेट्रोल में 3.8 प्रतिशत और सीएनजी के उपयोग में 65.5 प्रतिशत की कमी आई। निर्माण कार्यों के चालू रहने और जनरेटर के उपयोग से डीजल की खपत में बढ़ोतरी देखने को मिली। एक बड़ा बदलाव पेट्रोल और डीजल की बढ़ी दरों से आया है। सीएनजी वाहनों में निजी कारों की बिक्री बढ़ी है। दूसरे वर्ग के वाहनों की बिक्री इधर नहीं बढ़ी है। इसके उलट निजी कारों के वर्ग में इस साल 15.9 फीसदी अधिक बिक्री लखनऊ में हुई है।
प्रदूषण का मुख्य स्रोत
वाहनों का धुआं, जनरेटर का उपयोग, भवन निर्माण, खुले में कूड़ा जलाना।
इस टीम ने किया सर्वे
डॉ. जीसी किस्कू, ईएच खान, डॉ. बी श्रीकांत, एन मणिक्कम, प्रदीप शुक्ला, सुशीज सरोज, पुनीत कुमार, अंकित कुमार, हरिओम प्रसाद, एसएस काली किंकर महंता, प्रिया सक्सेना, अब्दुल अतीक सिद्दीकी, अभिषेक वर्मा, अंकित गुप्ता, रवि सिंह, वीरेश कुमार, मो. मुजम्मिल।
चारबाग में शोर सबसे अधिक
लोकेशन ध्वनि प्रदूषण (दिन/रात)
अलीगंज 66.9/59.2
विकासनगर 63.9/57.8
इंदिरानगर 72.9/62.5
गोमतीनगर 64.7/61.1
चारबाग 77.2/79.5
आलमबाग 71.4/66.3
अमीनाबाद 76.2/69.8
चौक 78.1/67.2
अमौसी 66.9/59.2
(आवासीय इलाकों में दिन के समय ध्वनि अधिकतम 55 और रात में 45 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। व्यावसायिक इलाकों में यह आंकड़ा 65 और 55 है। औद्योगिक इलाकों में 75 और 70 डेसीबल का मानक है।)
मशीन लर्निंग, एआई पर काम करेगा आईआईटीआर
आईआईटीआर के 56वें वार्षिक दिवस समारोह में निदेशक डॉ. एसके बारिक ने बताया कि कोरोना से नई तकनीकों में वैज्ञानिक संस्थाओं के योगदान में बदलाव की जरूरत सामने आई है। आईआईटीआर भी अब मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक पर काम शुरू करेगा। वहीं 25वें एसएच जैदी व्याख्यान में यूएसए के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल मेंटल साइंसेज के निदेशक डॉ. रिचर्ड वोयचिक ने कहा कि पूरी दुनिया के सामने पर्यावरण के बिगड़ने से स्वास्थ्यगत चुनौतियां खड़ी हैं। इन पर रणनीति बनाकर निपटने की आवश्यकता है।
ऐसे बचाया जा सकता है पर्यावरण
- ग्रीन कवर बढ़ाया जाए
- कंक्रीट डिवाइडर की जगह पेड़ पौधे लगाए जाने लायक डिवाइडर बनें
- पेट्रोल, डीजल की जगह अल्ट्रा प्योर लो सल्फर फ्यूल को प्राथमिकता दी जाए
- यातायात सुधार पर काम हो
- मेट्रो व पब्लिक ट्रांसपोर्ट को वरीयता दी जाए
- फैक्टरियों में चिमनी की वांछित ऊंचाई सुनिश्चित हो, वहीं स्क्रबर, बैग फिल्टर, प्रेसीपिटेटर का उपयोग हो।
- सड़कों पर धूल न उड़ने दी जाए
पानी का छिड़काव, 100 टन मलबा उठाया
सख्ती के बाद भी लोग खुले में मलबा डालने और बिना ग्रीन नेट लगाए निर्माण कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सोमवार को नगर निगम ने कार्रवाई कर 50 हजार जुर्माना वसूला। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि अलग-अलग इलाकों में 100 टन से अधिक मलबा भी उठाया। वहीं, स्मॉग गन व टैंकरों सहित करीब 50 गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया गया।