{"_id":"5e8266d68ebc3e78af5da722","slug":"centeral-govt-approved-to-28-new-cow-conservation-centres-in-19-districts-including-bulandshahar-and-ghaziabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित 19 जिलों में 28 नए गो-संरक्षण केंद्रों को मंजूरी, 33.60 करोड़ जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित 19 जिलों में 28 नए गो-संरक्षण केंद्रों को मंजूरी, 33.60 करोड़ जारी
Tue, 31 Mar 2020 03:08 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 31 Mar 2020 03:08 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित सहित 19 जिलों में 28 बड़े गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। कई जिलों में एक से अधिक गौ संरक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
गो संरक्षण केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित सहित 19 जिलों में 28 बड़े गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। कई जिलों में एक से अधिक गौ संरक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए एकमुश्त 33.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने छुट्टा गौवंश के संरक्षण के लिए गौ आश्रय स्थलों की स्थापना का एलान किया था। बुंदेलखंड सहित कई जिलों में पहले ही इसके लिए बजट मंजूर किया जा चुका है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव पशुधन भुवनेश कुमार ने कहा कि गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए स्वीकृत किए जा रहे प्रति केंद्र 1. 20 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की आवश्यकता हो तो जिलाधिकारी मनरेगा, ग्राम पंचायत की संचित निधि, वित आयोग, खनिज विकास निधि, राइफल निधि, जिला पंचायत निधि, क्षेत्र पंचायत निधि, सांसद क्षेत्र विकास निधि व विधायक क्षेत्र विकास निधि से सहयोग लेकर इसे पूरा करा सकेंगे।
विज्ञापन
भुवनेश ने कहा है कि बृहद गौ संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था के चयन व केंद्रों का निर्माण कराकर उसके संचालन की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की होगी। प्रमुख सचिव ने कहा है स्वीकृत की गई धनराशि खर्च करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि निर्माण के लिए उपलब्ध भूमि पूरी तरह से निर्विवाद है।
विज्ञापन
इन जिलों में बनेंगे : गोंडा, खीरी, बदायूं, बस्ती, फतेहपुर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, कौशांबी, बरेली, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, गाजियाबाद व शामली में एक-एक। उन्नाव, हरदोई, रायबरेली व बुलंदशहर में दो-दो, मथुरा में तीन तथा प्रतापगढ़ में चार।