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मथुरा व हाथरस में सीबीआई का छापा, दो अलग मामलों में हुई जांच
Thu, 14 Jan 2021 10:02 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 14 Jan 2021 10:02 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ani
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अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी हासिल करने व मकान आवंटित कराने के दो अलग मामलों में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को उतर प्रदेश के मथुरा व हाथरस जिलों में आरोपियों के यहाँ छापा मारा। इस छापेमारी में सीबीआई ने केस से संबंधित अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
सीबीआई लखनऊ की एससीबी शाखा में इनमें से एक केस नवंबर और एक केस अक्टूबर में दर्ज किया गया था। दोनों ही मामलों में आरोपियों के नाम रमेश चंद्र मीना हैं। एक मथुरा और दूसरा हाथरस का निवासी है। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि एक मामले में हाथरस निवासी रमेश चंद्र मीना पुत्र गोविंद राम के आवास पर छापा मार गया। आरोपी ने राजस्थान के भरतपुर से अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और एमटीएनएल में नौकरी हासिल कर ली। आरोपी एमटीएनएल से सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत हुआ और उसने 1987 में इस फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए दिल्ली के विकासपुरी में मकान भी आवंटित करा लिया था।
दूसरे मामले में मथुरा के कोसीकला निवासी चिरौंजी लाल के बेटे रमेश चंद्र मीना को नामजद किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान के हिंडन से अनुसूचित जाती का प्रमाण पत्र बनवाया और ईपीएफओ में नौकरी हासिल कर ली। आरोपी ने खुद को राजस्थान का निवासी होने का एक प्रमाण पत्र भी बनवाया था जो जाँच में फर्जी पाया गया। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार छापेमारी में केस से संबंधित अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह दस्तावेज फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित हैं।
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सीबीआई लखनऊ की एससीबी शाखा में इनमें से एक केस नवंबर और एक केस अक्टूबर में दर्ज किया गया था। दोनों ही मामलों में आरोपियों के नाम रमेश चंद्र मीना हैं। एक मथुरा और दूसरा हाथरस का निवासी है। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि एक मामले में हाथरस निवासी रमेश चंद्र मीना पुत्र गोविंद राम के आवास पर छापा मार गया। आरोपी ने राजस्थान के भरतपुर से अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और एमटीएनएल में नौकरी हासिल कर ली। आरोपी एमटीएनएल से सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत हुआ और उसने 1987 में इस फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए दिल्ली के विकासपुरी में मकान भी आवंटित करा लिया था।
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दूसरे मामले में मथुरा के कोसीकला निवासी चिरौंजी लाल के बेटे रमेश चंद्र मीना को नामजद किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान के हिंडन से अनुसूचित जाती का प्रमाण पत्र बनवाया और ईपीएफओ में नौकरी हासिल कर ली। आरोपी ने खुद को राजस्थान का निवासी होने का एक प्रमाण पत्र भी बनवाया था जो जाँच में फर्जी पाया गया। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार छापेमारी में केस से संबंधित अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह दस्तावेज फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित हैं।
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