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कारोबारी के अपहरण मामले में अतीक अहमद के करीबी जफर उल्लाह के खिलाफ सीबीआई ने दायर की चार्जशीट

Tue, 16 Jul 2019 06:35 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Prachi Priyam Updated Tue, 16 Jul 2019 06:35 PM IST
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CBI files charge sheet against Zafar Ullah close associate of Atiq Ahmad
अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ के कारोबारी से रंगदारी मांगने और उसके बाद अपहरण करने के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को जफरउल्लाह के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। जफर उल्लाह समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी माना जाता है।

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बता दें कि देवरिया जेलकांड की जांच कर रही सीबीआई की टीम जिले में डटी हुई है। शहर के होटलों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम यह जानने में जुटी है कि देवरिया जेल में अतीक के रहने के दौरान किस-किसने यहां ठिकाना बनाया था। अतीक के गैंग से जुड़े लोग कब-कब और किस होटल में रहे। टीम जिला जेल से रिहा हुए उन बंदियों से भी पूछताछ में जुटी है जो अतीक के साथ उसके या आसपास की बैरक में रहे।
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क्या है मामला?

मालूम हो कि अतीक अहमद ने 26 दिसंबर को लखनऊ के रियल एस्टेट व्यापारी मोहित जायसवाल को गुर्गों के जरिए अपहरण कराके देवरिया जेल बुलाया था। यहां उसकी बर्बरतापूर्वक पिटाई के बाद करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी जबरन अपने व अपने करीबियों के नाम करा ली थी। 

किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर लखनऊ पहुंचे मोहित ने वहां केस दर्ज कराया तब देवरिया पुलिस हरकत में आई। मोहित की अपील पर कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था। साक्ष्य जुटाने के लिए सीबीआई टीम करीब एक माह से जिले में डटी है। 


 

कई बड़े कारोबारियों को देवरिया बुला कर रंगदारी करता था अतीक

सिंचाई विभाग के डाक बंगले में रुकी टीम ने कई बार जेल जाकर बंदियों-कैदियों, बंदीरक्षकों व जेल अधिकारियों के बयान दर्ज किए। अब तक की छानबीन में यह सामने आया है कि अप्रैल 2017 से देवरिया जेल में आने के बाद अतीक के तमाम गुर्गे व करीबी भी यहीं ठिकाना बनाए रहे। कई बार उनके माध्यम से बड़े कारोबारियों को देवरिया बुलाया गया और उनसे रंगदारी ली गई। शहर के होटलों में ही उनका ठिकाना रहा। 

दो दिन पहले ही शहर के स्टेशन रोड, पुरवा, राघवनगर के होटलों के अभिलेखों की जांच की गई। स्टेशन रोड के कुछ होटलों से टीम को महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। इसके अलावा टीम कुशीनगर के उन बंदियों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है जो अतीक के साथ या उसके आसपास के बैरक में रहे हैं। अंदेशा है कि अतीक ने उनकी जेल के अंदर से ही कई मामलों में मदद की थी। इसके बदले जेल से बाहर निकलने पर वे अतीक की मदद करते थे। टीम के अभी कुछ दिन और जिले में ही रहने की संभावना है।

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