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डीएम के करीबियों के यहां छापे का मामला : लखनऊ में जानकारी देने से बचते रहे अफसर
Tue, 05 Apr 2022 08:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 05 Apr 2022 08:32 PM IST
सार
इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया था। कार्रवाई के बाद भी लखनऊ में विजिलेंस और शासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार करते रहे। डीजी विजिलेंस डीएस चौहान ने कहा कि वह ऐसे मामले में बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
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विस्तार
औरया के जिलाधिकारी सुनील वर्मा को निलंबित हुए 24 घंटे भी नहीं हुए थे और विजिलेंस की टीम औरया में उनके करीबियों के पहुंच चुकी थी। लखनऊ और कानपुर सेक्टर की टीमों को सुनील वर्मा के करीबियों के छापे की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया था। कार्रवाई के बाद भी लखनऊ में विजिलेंस और शासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार करते रहे।
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डीजी विजिलेंस डीएस चौहान ने कहा कि वह ऐसे मामले में बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस बारे में जानकारी शासन के अधिकारियों से लीजिए। वहीं दिन में तीन बजकर 25 मिनट पर जब शासन में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस छापे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय ढंग से अंजाम दिया गया। शीर्ष अधिकारियों की हिदायत थी कि किसी भी हाल में छापे की सूचना लीक न होने पाए। लेकिन जब औरय्या में छापे पड़े तो यह खबर जंगल में आग की तरह पूरे प्रदेश में फैल गई।
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