मुलायम पर FIR से पहले अमिताभ पर केस दर्ज
निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान ने बुधवार को आय से अधिक संपत्ति को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है। अमिताभ ठाकुर पर आय के ज्ञात स्रोतों से एक करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ठाकुर के खिलाफ लोकायुक्त ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की थी। सतर्कता अधिष्ठान ने भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी।
विजिलेंस के महानिदेशक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार से केस दर्ज कराने को मंगलवार शाम हरी झंडी मिल गई थी। राजधानी के गोमतीनगर थाने में एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (1) ई और 13 (2) के तहत दर्ज मुकदमे में आरोप है कि जिस अवधि की जांच की गई उसमें अमिताभ के पास आय से लगभग 83 फीसदी अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है।
लोकायुक्त ने की थी सीबीआई व ईडी से जांच की सिफारिश
लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने भी आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ जांच पूरी कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर सीबीआई व ईडी से जांच कराए जाने की सिफारिश की थी। वहीं सतर्कता अधिष्ठान ने 10 सितंबर को शासन को भेजी रिपोर्ट में ठाकुर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोपी बताया था।
सतर्कता विभाग कर रहा था खुली जांच
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ सात जनवरी 2012 से खुली जांच कर रहा था। इस जांच में भी अमिताभ के खिलाफ कई साक्ष्य सामने आए थे, जिन्हें आधार बनाकर मुकदमा दर्ज करने का प्रस्ताव हुआ था।
लोकायुक्त ने भी पिछले दिनों मुख्यमंत्री को अमिताभ ठाकुर के खिलाफ जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें सतर्कता विभाग की जांच में सामने आए तथ्य और उनके समक्ष मौजूद साक्ष्य अमिताभ ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और यूपी को-ऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए पर्याप्त बताया गया था।