लखनऊ की मस्जिदों में ठहरे 23 विदेशियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, वीजा भी होगा निरस्त
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राजधानी लखनऊ की तीन मस्जिदों में ठहरे कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और बांग्लादेश के 23 नागरिकों के खिलाफ बुधवार को कैसरबाग, काकोरी व मड़ियांव थाना में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर में विदेशी नागरिकों के साथ मस्जिदों में उन्हें ठहराने वाले मुतवल्लियों और केयरटेकर को भी आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी विदेशी नागरिकों के वीजा निरस्त करने और उन्हें उनके देश वापस भेजने के लिए दूतावास से संपर्क किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि विदेशी नागरिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए टूरिस्ट वीजा पर आए थे जो गलत है। विदेशी नागरिकों और उनके ठहरने का इंतजाम करने वाले मस्जिद के मुतवल्लियों, मौलानाओं व केयरटेकर ने पुलिस-प्रशासन को उनके बारे में सूचना न देकर फॉरेन एक्ट का उल्लंघन किया है।
लॉक डाउन में विदेशियों को बुलाने पर शांतिभंग भी की गई जिसकी वजह से उपयुक्त धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। फिलहाल सभी विदेशी नागरिक बलरामपुर अस्पताल में क्वारंटीन में रखे गए हैं।
विदेशी नागरिक पुलिस-प्रशासन को सूचना दिए बगैर ठहरे थे
मालूम हो कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में धार्मिक जलसे से देश के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों लोगों को कोरोना संक्रमण फैलने की खबरों के बाद मंगलवार को पुलिस ने लखनऊ की मस्जिदों में ठहरे 23 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें क्वारंटीन किया था।
कैसरबाग की मरकजी मस्जिद में किर्गिस्तान के चार व कजाकिस्तान के दो नागरिक मिले थे जबकि मड़ियांव के मुतक्कीपुर स्थित मकवा मस्जिद में बांग्लादेश के सात और काकोरी के पलिया में जामा मस्जिद में बांग्लादेश के 10 नागरिक पाए गए थे।
सभी टूरिस्ट वीजा पर 13 मार्च को दिल्ली से ट्रेन के जरिए लखनऊ आए थे। इन्हें दो अप्रैल को वापस जाना था लेकिन लॉक डाउन के चलते यात्रा निरस्त करनी पड़ी थी। सभी विदेशी नागरिक पुलिस-प्रशासन को सूचना दिए बगैर यहां ठहरे हुए थे।