फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   carelessness of health department in lucknow

बलरामपुर अस्पतालः साढ़े चार घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिली एंबुलेंस, मरीज की मौत

Thu, 14 Feb 2019 01:24 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 14 Feb 2019 01:24 PM IST
विज्ञापन
carelessness of health department in lucknow
- फोटो : डेमो
इसे संवेदनहीनता कहें या डॉक्टरों की लापरवाही कि बीमार बुजुर्ग महिला साढ़े चार घंटे तक बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पड़ी रही। एम्बुलेंस के इंतजार में बुधवार को उसकी मौत हो गई। बलरामपुर में पांच एम्बुलेंस का बेड़ा है, इसके बावजूद यह कहकर मना कर दिया कि ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है।
विज्ञापन


108 नंबर पर फोन किया गया। साढ़े चार घंटे बाद एम्बुलेंस आई, लेकिन तब तक मरीज ने गेट पर ही दम तोड़ दिया। तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हुसैनगंज फूलबाग की रहने वाली वेदवती (70) को सांस लेने में तकलीफ होने पर मंगलवार को तीमारदारों ने इमरजेंसी में भर्ती कराया था।
विज्ञापन


इलाज के दौरान महिला की हालत सुधरने की बजाय और भी बिगड़ गई। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। बुधवार सुबह डॉक्टरों ने इमरजेंसी में राउंड किया और हालत गंभीर बताकर नौ बजे के करीब केजीएमयू रेफर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटे दिलीप कुमार का आरोप है कि अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग की तो उन्हें ऑक्सीजन सुविधा न होने की बात कही गई। साथ ही 108 पर कॉल करने की सलाह दी। दिलीप के मुताबिक, वहां से भी मदद नहीं मिली। काफी देर इंतजार के बाद अस्पताल प्रशासन से फिर मदद मांगी गई, पर मना कर दिया गया।

जबरन ले जा रहे थे तीमारदार

इंतजार में करीब साढ़े चार घंटे बीत गए, डेढ़ बजे 108 एम्बुलेंस आई, लेकिन एम्बुलेंस में लेटाते वक्त वेदवती की मौत हो गई। बेटे दिलीप ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की बात कही है।

जबरन ले जा रहे थे तीमारदार
अस्पताल से रेफर मरीज 108 एम्बुलेंस सेवा से भेजे जाते हैं। यह सेवा उपलब्ध न होने पर अस्पताल से एम्बुलेंस मुहैया कराई जाती है। अस्पताल में पांच एम्बुलेंस हैं। मरीज की हालत बहुत नाजुक थी। तीमारदार उसे जबरन रेफर कराकर ले जा रहे थे। इमरजेंसी गेट पर ही मरीज की मौत हो गई। 
डॉ. राजीव लोचन, निदेशक, बलरामपुर

वीआईपी ड्यूटी लगी थी

बलरामपुर अस्पताल से केजीएमयू मरीज ले जाने के लिए 108 नंबर पर सुबह 11 बजे कॉल आई थी। उस दौरान बलरामपुर अस्पताल की एएलएल एम्बुलेंस व सिल्वर जुबली लोकेशन की 108 एम्बुलेंस वीआईपी ड्यूटी में थी। केस से फ्री होने पर केजीएमयू की 108 एम्बुलेंस को अस्पताल भेजा गया, जो दस मिनट के अंदर अस्पताल पहुंच गई। तब तक मरीज की हालत खराब हो चुकी थी।
- प्रमिल शाह, जनरल मैनेजर, जीवीके ईएमआरआई (यूपी)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed