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इस सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मोबाइल पर खेलते रह गए गेम, तड़प कर मर गया कैंसर का मरीज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 04 Apr 2018 03:07 PM IST
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लखनऊ में लोहिया संस्थान के डॉक्टरों-स्टाफ की संवेदनहीनता ने मंगलवार को एक मरीज की जान ले ली। इमरजेंसी में लाया गया कैंसर मरीज तड़प-तड़प कर मर गया, वहीं डॉक्टर-स्टाफ मोबाइल पर गेम खेलते रहे। बड़ी मुश्किल से तीमारदार मरीज को लेकर अंदर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इससे नाराज तीमारदारों ने करीब आधे घंटे तक हंगामा किया। अधिकारियों ने मामला शांत कराया। तीमारदारों ने शासन में शिकायत की है। बहराइच के कैसरगंज का अमरेश बहादुर सिंह (38) कैंसर से पीड़ित था।
उसका इलाज लोहिया संस्थान के डॉ. गौरव गुप्ता से चल रह था। तीमारदार संजय सिंह ने बताया कि मरीज की तीन कीमोथेरेपी हो चुकी थी। सोमवार को हल्का बुखार होने पर अमरेश को ओपीडी में लाया गया। जांच कराकर उसे वापस घर लेकर चले गए।
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मंगलवार दोपहर अचानक अमरेश की हालत बिगड़ने लगी और उसे नींद के झोंके आने लगे। शाम करीब साढ़े चार बजे आनन-फानन परिवारीजन उसे लेकर लोहिया की इमरजेंसी पहुंचे। वहां अमरेश को अंदर ले जाने के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिली।
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इससे नाराज तीमारदारों ने करीब आधे घंटे तक हंगामा किया। अधिकारियों ने मामला शांत कराया। तीमारदारों ने शासन में शिकायत की है। बहराइच के कैसरगंज का अमरेश बहादुर सिंह (38) कैंसर से पीड़ित था।
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उसका इलाज लोहिया संस्थान के डॉ. गौरव गुप्ता से चल रह था। तीमारदार संजय सिंह ने बताया कि मरीज की तीन कीमोथेरेपी हो चुकी थी। सोमवार को हल्का बुखार होने पर अमरेश को ओपीडी में लाया गया। जांच कराकर उसे वापस घर लेकर चले गए।
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मंगलवार दोपहर अचानक अमरेश की हालत बिगड़ने लगी और उसे नींद के झोंके आने लगे। शाम करीब साढ़े चार बजे आनन-फानन परिवारीजन उसे लेकर लोहिया की इमरजेंसी पहुंचे। वहां अमरेश को अंदर ले जाने के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिली।
काफी देर इंतजार बाद तीमारदार डॉक्टर-स्टाफ के पास स्ट्रेचर दिलवाने को पहुंचे तो वे मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहे। किसी तरह एक घंटे बाद व्हीलचेयर मिल सकी। इसके बाद परिवारीजन अमरेश को गाड़ी से उतारकर अंदर ले गए।
तीमारदार का आरोप है कई बार डॉक्टर को बुलाने के लिए उनके चेंबर में गए तो वह भी मोबाइल पर गेम खेलते दिखे। इस दौरान अमरेश की हालत बिगड़ती रही। काफी देर बाद डॉक्टरों ने उसे देखा तो मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों ने डॉक्टर-स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आधे घंटे तक हंगामा किया। अधिकारियों ने तीमारदारों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
'इमरजेंसी में मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। तीमारदार शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।' - डॉ. दीपक मालवीय ,निदेशक, लोहिया संस्थान
तीमारदार का आरोप है कई बार डॉक्टर को बुलाने के लिए उनके चेंबर में गए तो वह भी मोबाइल पर गेम खेलते दिखे। इस दौरान अमरेश की हालत बिगड़ती रही। काफी देर बाद डॉक्टरों ने उसे देखा तो मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों ने डॉक्टर-स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आधे घंटे तक हंगामा किया। अधिकारियों ने तीमारदारों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
'इमरजेंसी में मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। तीमारदार शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।' - डॉ. दीपक मालवीय ,निदेशक, लोहिया संस्थान