गुस्साए डॉक्टर ने कहा-गोली मार दो, लेकिन देखूंगा नहीं
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बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज दर्द से तड़पते रहे और इनडोर ड्यूटी में तैनात डॉक्टर देखने को तैयार नहीं हुआ। मरीजों के तीमारदार देखने के लिए कहने को गए तो एक बार तो डॉक्टर ने उन्हें फटकार कर भगा दिया।
तीमारदार जब इकट्ठे होकर पहुंचे और विरोध करने लगे तो डॉक्टर ने कहा-‘गोली मार दो लेकिन मरीज को नहीं देखूंगा’। डॉक्टर का यह रवैया तब था जब इमरजेंसी में भर्ती नगमा बानो (40), बीएस धारीवाल (43) और शिवानी (10) की हालत नाजुक बनी हुई थी।
तीमारदार सुशीला ने बताया कि उनके पति बीएस धारीवाल को शनिवार देर रात करीब एक बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। इलाज के नाम पर स्टाफ नर्स ने एक ग्लूकोज की बोतल लगाने के बाद एक इंजेक्शन लगा दिया।
आए दिन इस तरह मनमानी करते हैं डॉक्टर
इसके बाद रविवार दोपहर एक बजे तक कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आया। मरीजों की शिकायत थी कि डॉक्टर सुबह से इमरजेंसी में है लेकिन मरीजों को परेशानी होने पर देखने को तैयार नहीं है।
अस्पताल सूत्रों की मानें तो इनडोर ड्यूटी में तैनात डॉक्टर आए दिन इसी तरह मनमानी करते हैं। स्टाफ से भी अभद्रता करते हैं और इस वजह से वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि ये गंभीर मामला है। इस तरह की बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इनडोर इमरजेंसी में डॉ. अतुल मेहरोत्रा की ड्यूटी थी। डॉक्टर की पहले भी इस तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी।