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यूपी का पहला मामलाः कैंसर पीड़ित बुजुर्ग ने दी कोरोना को मात, चार और मरीजों ने जीती जंग
Sat, 23 May 2020 12:24 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 23 May 2020 12:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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केजीएमयू में भर्ती कैंसर से पीड़ित 66 वर्षीय बुजुर्ग ने साबित कर दिया है कि मानसिक मजबूती हो तो कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी को भी पछाड़ा जा सकता है। डॉक्टरों का दावा है कि यह प्रदेश का पहला मामला है।
इसके अलावा चार और मरीजों के ठीक होने पर शुक्रवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। केजीएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मोहाल सदन निवासी बुजुर्ग मई-2019 में जांच करवाने आए थे। इस दौरान बुजुर्ग की आहार नाल में कैंसर की पुष्टि हुई।
रेडियोथैरेपी से कैंसर ठीक हो रहा था कि इस बीच 14 मई को बुजुर्ग कोरोना की चपेट में आ गए। उन्हें भर्ती किया गया था। डॉ. सुधीर ने बताया कि कैंसर के कारण मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बुुजुर्ग डायबिटीज से भी पीड़ित थे।
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बुजुर्ग मरीज ने डॉक्टरों का आभार जताया और कहा कि दूसरी बार जिंदगी बचाई। इसके अलावा यहां से डिस्चार्ज होने वाली महिला डायबिटीज व दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। वह 13 मई को भर्ती हुई थी।
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इसके अलावा चार और मरीजों के ठीक होने पर शुक्रवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। केजीएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मोहाल सदन निवासी बुजुर्ग मई-2019 में जांच करवाने आए थे। इस दौरान बुजुर्ग की आहार नाल में कैंसर की पुष्टि हुई।
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रेडियोथैरेपी से कैंसर ठीक हो रहा था कि इस बीच 14 मई को बुजुर्ग कोरोना की चपेट में आ गए। उन्हें भर्ती किया गया था। डॉ. सुधीर ने बताया कि कैंसर के कारण मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बुुजुर्ग डायबिटीज से भी पीड़ित थे।
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बुजुर्ग मरीज ने डॉक्टरों का आभार जताया और कहा कि दूसरी बार जिंदगी बचाई। इसके अलावा यहां से डिस्चार्ज होने वाली महिला डायबिटीज व दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। वह 13 मई को भर्ती हुई थी।
कोरोना की चपेट में आने पर न लें तनाव
इसी तरह हुसैनगंज निवासी संक्रमित पुरुष (47) को 12 मई को, कैसरबाग निवासी महिला (26) को 13 मई को और कैंट निवासी महिला (55) को 16 माई को भर्ती कराया गया था।
केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि कोरोना की चपेट में आने पर तनाव न लें। मरीज के ठीक होने की पूरी संभावना है। सिर्फ दो प्रतिशत कोरोना मरीजों को आईसीयू व वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।
सिर्फ बुजुर्ग, दिल, कैंसर, डायबिटीज और गुर्दा समेत दूसरी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अधिक संजीदा रहने की जरूरत है। मेडिसिन विभाग के डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि केजीएमयू में भर्ती कैंसर, डायबिटिज सहित अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों ने कोरोना को हरा दिया है।
केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि कोरोना की चपेट में आने पर तनाव न लें। मरीज के ठीक होने की पूरी संभावना है। सिर्फ दो प्रतिशत कोरोना मरीजों को आईसीयू व वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।
सिर्फ बुजुर्ग, दिल, कैंसर, डायबिटीज और गुर्दा समेत दूसरी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अधिक संजीदा रहने की जरूरत है। मेडिसिन विभाग के डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि केजीएमयू में भर्ती कैंसर, डायबिटिज सहित अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों ने कोरोना को हरा दिया है।
लोकबंधु में भर्ती नौ मरीज भी स्वस्थ होकर लौटे घर
लोकबंधु अस्पताल में भर्ती सदर व कैसरबाग के नौ मरीजों ने भी कोरोना से जंग जीत ली। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डिस्चार्ज हुए रोगी अभी होम क्वारंटीन में रहेंगे। डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि कैसरबाग व सदर इलाके के नौ मरीजों को छुट्टी दी गई है।
इसमें पांच पुरुष व चार महिला हैं। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर भेजा गया है। अस्पताल में अभी कोरोना के 34 मरीज भर्ती है।
इसमें पांच पुरुष व चार महिला हैं। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर भेजा गया है। अस्पताल में अभी कोरोना के 34 मरीज भर्ती है।