20 फरवरी के बाद शुरू होगा कैंसर संस्थान, 850 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है तैयार
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चकगंजरिया स्थित कैंसर संस्थान में फरवरी से मरीजों को इलाज मिलने लगेगा। यहां भर्ती करने की भी सुविधा शुरू की जाएगी। संस्थान प्रशासन को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद किसी भी दिन उद्घाटन हो सकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी संस्तुति दे दी गई है। करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कैंसर संस्थान का निर्माण अक्तूबर 2015 में शुरू हुआ। यहां एक हजार बेड का अस्पताल बनना है।
पहले चरण में 500 बेड का अस्पताल तैयार किया गया है। इसका ज्यादातर काम पूरा होने की स्थिति में है। यहां डायग्नोसिस ब्लॉक अलग से बन रहा है। सीटी स्कैन एवं टेलीथेरेपी की मशीन भी लग चुकी हैं। ली-नैक मशीन भी लगाई जा रही है। यहां कैंसर जांच की सभी सुविधाओं के साथ रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी सहित कैंसर के इलाज की अन्य सुविधाएं शुरू होंगी। इसके लिए दो माह पहले बेड, स्ट्रेचर, टेबल सहित फर्नीचर खरीदे जा चुके हैं। संस्थान में 59 चिकित्सा विशेषज्ञों के पद हैं। इन दिनों यहां 21 संकाय सदस्य हैं। करीब नौ संकाय की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। सीनियर रेजिडेंट के 65 और जूनियर रेजिडेंट के 63 पद स्वीकृत हैं।
हर अंग की अलग-अलग होगी ओपीडी
कैंसर संस्थान में ऑर्गन बेस्ड स्पेशलिस्ट और ऑर्गन बेस्ड ओपीडी चलेगी। गले में कैंसर है तो इसका अलग विशेषज्ञ होगा और पेट में है तो इसका अलग। इसके लिए संस्थान और टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई में एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुआ है। इस संस्थान के शुरू होने से सुपर स्पेशियेलिटी सेवाओं के लिए मरीजों को मुंबई जाने की जरूरत नहीं होगी।
पहले चरण में 45 बेड पर भर्ती होंगे मरीज
संस्थान में ऑपरेशन थिएटर भी तैयार हो गए हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए पहले चरण में 45 बेड की व्यवस्था की गई है। इससे सिंकाई के साथ बायोप्सी और अन्य जांचों के लिए भर्ती करने की सुविधा मिल जाएगी।
पूरे हो चुके हैं ज्यादातर काम
कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. शालीन कुमार का कहना है कि संस्थान की ओर से 20 फरवरी के बाद मरीजों को चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी है। इसके तहत सभी काम पूरे कराए जा रहे हैं। ज्यादातर काम हो भी चुका है। वार्ड से लेकर ओपीडी तक की व्यवस्था मुकम्मल की जा रही है। मैन पावर की समस्या जल्द ही हल हो जाएगी।