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रेलवे ने 15 तक बढ़ा दिया ट्रेनों का निरस्तीकरण, अब गर्मी की छुट्टियों में खलल डालने की तैयारी
Sun, 31 Mar 2019 01:29 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sun, 31 Mar 2019 01:29 AM IST
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- फोटो : डेमो
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प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया है, लेकिन ट्रेनों पर छाया रेलवे का कोहरा छंटने का नाम नहीं ले रहा है। रेलवे प्रशासन कोहरे के नाम पर ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा रहा है। 31 मार्च तक निरस्त ट्रेनों का निरस्तीकरण रेलवे ने 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
इससे हजारों यात्री परेशान होंगे। कैंसिल होने वाली ट्रेनों में डबलडेकर एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, झांसी इंटरसिटी सहित तमाम ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे प्रशसन ने यात्रियों की सुविधाएं हाशिए पर रखी हुई हैं। उसका पूरा फोकस कमाई पर है। यही वजह है कि कोहरे के नाम पर ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा दिया गया है।
यह स्थिति तब है, जब शनिवार को राजधानी का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था और इलाहाबाद, बांदा सहित कई जिलों का तापमान 40 डिग्री पार पहुंच गया था। एक ओर गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, दूसरी ओर ट्रेनें अभी भी कोहरे के नाम पर निरस्त चल रही हैं।
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बता दें कि गत 12 दिसंबर को रेलवे प्रशासन ने कोहरे के नाम पर दर्जनों ट्रेनों को निरस्त कर दिया था। हालांकि, दिसंबर व जनवरी में इतना कोहरा ही नहीं पड़ा कि ट्रेनें निरस्त की जाएं। ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को भयंकर असुविधाओं का सामना करना पड़ा। ये ट्रेनें 15 फरवरी तक निरस्त की गई थीं।
20 मार्च को होली पर घर जाने वाले यात्रियों की खुशियां उस वक्त छूमंतर हो गईं, जब रेलवे ने इन ट्रेनों का निरस्तीकरण 31 मार्च तक बढ़ा दिया। अब जब यात्रियों को राहत मिलने की दिख रही थी तो रेलवे ने एक बार फिर से कोहरे के नाम पर ट्रेनों का निरस्तीकरण 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
इससे हजारों यात्रियों के प्लान खराब हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली, बिहार जाने वालों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मालगाड़ियों पर फोकस, हाशिये पर यात्री
रेलवे का फोकस मालगाड़ियों के संचालन पर है। इसके चलते यात्री गाड़ियों का निरस्तीकरण बार-बार बढ़ाया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 158 स्टेशन हैं, जहां 225 के आसपास गाड़ियां यात्रियों के लिए चलाई जा रही हैं, जबकि करीब 25 ट्रेनों को निरस्त कर रखा है। वहीं औसतन डेढ़ सौ मालगाड़ियां रफ्तार भर रही हैं। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की स्थिति भी ऐसी ही है। वहां 197 रेलवे स्टेशन हैं, जहां यात्री, मेमू, डेमू मिलाकर 300 जोड़ी गाड़ियां चलती हैं और जबकि सौ के आसपास मालगाड़ियां रफ्तार भर रही हैं। दरअसल, गत वर्ष रेलवे ने मालवाहन से सात हजार करोड़ रुपये कमाए थे और पैसेंजर ट्रेनों से दो हजार करोड़ रुपये। अगले छह साल में यह कमाई बढ़ाकर चार लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। जिसे पूरा करने का दबाव है।
होली बदरंग, गर्मी की छुट्टियां भी दांव पर
कोहरे के नाम पर निरस्त ट्रेनों का संचालन गत 15 फरवरी से होना था। ऐसे में मार्च में होली पर घरों को जाने वाले यात्रियों ने टिकट करवा रखे थे। लेकिन रेलवे ने कैंसिलेशन 31 मार्च तक बढ़ा दिया। इससे यात्रियों की होली बदरंग हो गई। अब जब गर्मी की छुट्टियों की लोग प्लानिंग कर रहे हैं। ऐसे में ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा देने से गर्मी की छुट्टियां भी खराब होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
इन ट्रेनों का बढ़ा निरस्तीकरण
गोमती एक्सप्रेस, डबलडेकर एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस, नई दिल्ली-मालदा टाउन एक्सप्रेस, पोरबंदर-मुजफ्फरपुर मोतीहारी एक्सप्रेस, झांसी-लखनऊ जंक्शन झांसी इंटरसिटी, सियालदह-आनंद विहार एक्सप्रेस, किशनगंज-जयपुर गरीब नवाज एक्सप्रेस, कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस, कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा डुप्लीकेट पंजाब मेल।
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इससे हजारों यात्री परेशान होंगे। कैंसिल होने वाली ट्रेनों में डबलडेकर एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, झांसी इंटरसिटी सहित तमाम ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे प्रशसन ने यात्रियों की सुविधाएं हाशिए पर रखी हुई हैं। उसका पूरा फोकस कमाई पर है। यही वजह है कि कोहरे के नाम पर ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा दिया गया है।
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यह स्थिति तब है, जब शनिवार को राजधानी का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था और इलाहाबाद, बांदा सहित कई जिलों का तापमान 40 डिग्री पार पहुंच गया था। एक ओर गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, दूसरी ओर ट्रेनें अभी भी कोहरे के नाम पर निरस्त चल रही हैं।
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बता दें कि गत 12 दिसंबर को रेलवे प्रशासन ने कोहरे के नाम पर दर्जनों ट्रेनों को निरस्त कर दिया था। हालांकि, दिसंबर व जनवरी में इतना कोहरा ही नहीं पड़ा कि ट्रेनें निरस्त की जाएं। ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को भयंकर असुविधाओं का सामना करना पड़ा। ये ट्रेनें 15 फरवरी तक निरस्त की गई थीं।
20 मार्च को होली पर घर जाने वाले यात्रियों की खुशियां उस वक्त छूमंतर हो गईं, जब रेलवे ने इन ट्रेनों का निरस्तीकरण 31 मार्च तक बढ़ा दिया। अब जब यात्रियों को राहत मिलने की दिख रही थी तो रेलवे ने एक बार फिर से कोहरे के नाम पर ट्रेनों का निरस्तीकरण 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
इससे हजारों यात्रियों के प्लान खराब हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली, बिहार जाने वालों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मालगाड़ियों पर फोकस, हाशिये पर यात्री
रेलवे का फोकस मालगाड़ियों के संचालन पर है। इसके चलते यात्री गाड़ियों का निरस्तीकरण बार-बार बढ़ाया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कुल 158 स्टेशन हैं, जहां 225 के आसपास गाड़ियां यात्रियों के लिए चलाई जा रही हैं, जबकि करीब 25 ट्रेनों को निरस्त कर रखा है। वहीं औसतन डेढ़ सौ मालगाड़ियां रफ्तार भर रही हैं। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की स्थिति भी ऐसी ही है। वहां 197 रेलवे स्टेशन हैं, जहां यात्री, मेमू, डेमू मिलाकर 300 जोड़ी गाड़ियां चलती हैं और जबकि सौ के आसपास मालगाड़ियां रफ्तार भर रही हैं। दरअसल, गत वर्ष रेलवे ने मालवाहन से सात हजार करोड़ रुपये कमाए थे और पैसेंजर ट्रेनों से दो हजार करोड़ रुपये। अगले छह साल में यह कमाई बढ़ाकर चार लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। जिसे पूरा करने का दबाव है।
होली बदरंग, गर्मी की छुट्टियां भी दांव पर
कोहरे के नाम पर निरस्त ट्रेनों का संचालन गत 15 फरवरी से होना था। ऐसे में मार्च में होली पर घरों को जाने वाले यात्रियों ने टिकट करवा रखे थे। लेकिन रेलवे ने कैंसिलेशन 31 मार्च तक बढ़ा दिया। इससे यात्रियों की होली बदरंग हो गई। अब जब गर्मी की छुट्टियों की लोग प्लानिंग कर रहे हैं। ऐसे में ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा देने से गर्मी की छुट्टियां भी खराब होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
इन ट्रेनों का बढ़ा निरस्तीकरण
गोमती एक्सप्रेस, डबलडेकर एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस, नई दिल्ली-मालदा टाउन एक्सप्रेस, पोरबंदर-मुजफ्फरपुर मोतीहारी एक्सप्रेस, झांसी-लखनऊ जंक्शन झांसी इंटरसिटी, सियालदह-आनंद विहार एक्सप्रेस, किशनगंज-जयपुर गरीब नवाज एक्सप्रेस, कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस, कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा डुप्लीकेट पंजाब मेल।