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'इंसानियत के कातिलों को बनाया जा रहा हीरो'
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Mon, 23 Dec 2013 10:48 AM IST
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कार्यक्रम तो था पोलियो उन्मूलन की सफलता पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सम्मान का, लेकिन उलमाओं ने इस दौरान खूब सियासी तड़के लगाए।
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मंच से ही पोलियो की तरह देश से फिरकापरस्त ताकतों को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
मौजूद लोगों को आगाह भी किया गया, ‘...आने वाले समय में यदि सोच-समझकर कदम न उठाया गया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।’
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने सबसे पहले कार्यक्रम की धारा मोड़ी। उन्होंने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर कहा, ‘आज इंसानियत के कातिलों को हीरो बनाया जा रहा है। इस खतरे को समझिए।’
उन्होंने कहा कि आप देश के जाने-माने उलमा हैं और पूरे प्रदेश में आपका नेतृत्व है। आप दुआ कर दीजिए, सूबे की तस्वीर बदल जाएगी।
इसके बाद धारा को सियासी मोड़ सुन्नी उलमा काउंसिल यूपी के अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी ने दिया। उन्होंने कहा, ‘...बेटा यूपी संभाल रहा है, अब पिता को दिल्ली भेज दिया जाना चाहिए।’
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पोलियो को फिरकापरस्ती से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह पोलियो का खात्मा किया गया है उसी तरह फिरकापरस्ती को भी परास्त करना होगा। इसके लिए मुलायम सिंह यादव से बेहतर कोई दूसरे नेता नहीं हो सकते हैं।
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टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजलुर्रहमान ने कहा कि हर चुनाव में राजनैतिक पार्टियां मुसलमानों के लिए वादे करती हैं, लेकिन वे कभी पूरे नहीं किए जाते।
केवल सपा ही जो कहती है वह करती है। सपा की मुखालफत भी इसीलिए होती है क्योंकि वह मुसलमानों की रहनुमाई करती है।
अब्दुल कादिर ने कहा कि इस समय सियासत में दूसरा मर्ज फैल रहा है। अगर इसे काबू न किया गया तो हालात बेकाबू हो जाएंगे। इस मर्ज को काबू में करने के लिए जरूरी है मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाया जाए।
नदवा कॉलेज के प्रिंसिपल मौलाना सइदुर्रहमान आजमी ने भी फिरकापरस्त ताकतों को देश की बागडोर न मिलने पाए, इसकी वकालत की। मौलाना फकरुद्दीन व तनवीर अब्बास ने भी इस क्रम को आगे बढ़ाए रखा।
अंत में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आज राजनीति में एक अलग बीमारी पनप रही है। उसे रोकने का काम भी आप जैसे उलमा ही कर सकते हैं। सांप्रदायिक ताकतों को कैसे रोका जाए यह सपा अच्छी तरह से जानती है, लेकिन इसमें आपका सहयोग जरूरी है।