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कॉल ड्रॉप से कंपनियां मालामाल, उपभोक्ता बेहाल

Mon, 09 Nov 2020 01:44 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:44 AM IST
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Call drop penitraiting customer
कॉल ड्रॉप से कंपनियां मालामाल, उपभोक्ता बेहाल
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ज्ञान सक्सेना
राजधानी में कमजोर मोबाइल नेटवर्क से बढ़ती कॉल ड्रॉप की समस्या से जहां उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है वहीं, टेलीकॉम कंपनियां मालामाल हो रही हैं।
टेलीकॉम कंपनियों ने डेढ़ साल में बड़ी संख्या में नए उपभोक्ता तो जोड़े लेकिन, बेसिक ट्रांसमिशन स्टेशन (बीटीएस) की क्षमता को नहीं बढ़ाया।
इसके चलते शहर में नौ हजार से अधिक बीटीएस टॉवर पर पांच गुना तक ओवरलोड बढ़ गया। इसके चलते कई बार कॉल करने के बावजूद उपभोक्ता अपनी बात पूरी नहीं कर पाता जबकि बैलेंस से हर बार पैसा कट जाता है।
बड़ी संख्या में इससे परेशान उपभोक्ताओं ने कंपनियों के कस्टमर केयर और ट्राई में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बीएसएनएल से सेवानिवृत्त पीजी स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि बढ़ते लोड के चलते बीटीएस से 400 से 500 कॉल रिले के बाद नेटवर्क धीरे-धीरे कमजोर पड़ गायब होने लगता है।
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इसीलिए सरकारी उपक्रम से जुड़ी बीएसएनएल के साथ ही निजी स्तर पर संचालित वोडा-आइडिया संग एयरटेल और जियो के नंबरों पर भी कॉल लगाने पर बातचीत नहीं हो पाती है।
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जितना ज्यादा कॉल ड्रॉप, रिसीवर कंपनी को उतना फायदा
दूसरे नेटवर्क पर मोबाइल कॉल के चार्ज अभी खत्म नहीं हुए हैं। एक-दूसरे के नेटवर्क पर कॉल करने के दौरान कंपनियों के छह पैसे प्रति मिनट का भुगतान करना होता है। बस, इसी खेल में उपभोक्ता पिस रहे हैं। जितनी ज्यादा कॉल ड्रॉप रिसीवर कंपनी को उतना ही फायदा। कई बार भुगतान से बचने के लिए नेटवर्क को कमजोर कर दिया जाता है। मजबूरी में उपभोक्ता एक नेटवर्क की जगह दो ऑपरेटरों के सिम अपने पास रख रहे हैं। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ के ही करीब नौ लाख उपभोक्ताओं के पास दो या इससे अधिक कंपनियों के सिम हैं।
कॉल सेंटरों पर शिकायत दर्ज कराने में भी परेशानी
टेलीकॉम कंपनियों के कस्टमर कॉल सेंटरों पर भी उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए परेशान होना पड़ता है। कई बार प्रयास करने के बाद कस्टमर केयर पर यदि कॉल कनेक्ट भी हो गई तो सुनवाई तो कुछ नहीं होती, उल्टा कॉल का पैसा कट जाता है। कस्टमर केयर से लेकर ट्राई तक शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

बढ़ायी गई है बीटीएस की क्षमता
बीएसएनएल के जीएम एके गर्ग ने बताया कि बीएसएनएल के स्तर पर कमजोर कनेक्टिविटी की परेशानी दूर कराने को बीटीएस की क्षमता बढ़ायी गयी है। इससे कॉल संबंधित परेशानी में काफी कमी आई है। किसी खास स्थान पर मल्टीस्टोरी भवनों के करीब अगर कमजोर सिग्नल की परेशानी हो तो कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराई जाए। इसे दूर कराया जाएगा।
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