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कैबिनेट बाई सर्कुलेशन : गरीबों के लिए सस्ते घर का रास्ता साफ, अब कम जमीन पर बन सकेंगे अधिक मकान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 15 Sep 2021 10:16 PM IST

सार

बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन विधान सभा व विधान परिषद के मानसून सत्र के सत्रावसान संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। गौरतलब है कि विधानमंडल का मानसून सत्र 17 से 19 अगस्त तक चला था। इसमें अनुपूरक बजट पास कराया गया था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ते मकान देने के वादे को पूरा करने के लिए योगी सरकार ने ‘अफोर्डेबल हाउसिंग उपविधि-2021’ को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दिला दी है। इससे अब बिल्डरों को शहरों में कम जमीन पर अधिक ऊंची इमारत व मकान बनाने के साथ अधिक प्लाट काटने की सुविधा मिलेगी।
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प्रदेश में सस्ता मकान देने को लेकर कोई योजना न होने की वजह से बहुत से गरीब लोग मकान नहीं खरीद पा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने सस्ता मकान दिलाने का वादा किया था। इसी क्रम में आवास विभाग ने अफोर्डेबल हाउसिंग उपविधि-2021 तैयार की। इसी नीति को मंजूरी मिलने से अब प्रदेश में जहां कम जमीन पर अधिक मकान बनाये जा सकेंगे, वहीं गरीबों को ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, मिनी एमआईजी व एमआईजी मकान कम कीमत पर उपलब्ध होंगे। इस नीति के लागू होने से अनाधिकृत कालोनियों की बढ़ती संख्या पर भी लगाम लगेगी।


प्लाट डवलपमेंट के लिए न्यूनतम 3000 वर्ग मी.
इस उपविधि के मुताबिक प्लाट डवलपमेंट योजना के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल 3000 वर्ग मीटर रखा गया है। इस पर ईडब्लूएस के 30-35 वर्ग मीटर, एलआईजी 35-50 वर्ग मीटर और अन्य वर्ग के 50-150 वर्ग मीटर के प्लाट बेंचे जा सकेंगे। इन पर मकान बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) दोगुना कर दिया गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए डेंसिटी 250 इकाइयां प्रति हेक्टेयर, एलआईजी 200 इकाइयां प्रति हेक्टेयर व और अन्य वर्ग में 150 इकाइयां प्रति हेक्टेयर की गई है।

ग्रुप हाउसिंग के लिए न्यूनतम 2000 वर्ग मी.
ग्रुप हाउसिंग परियोजना को न्यूनतम क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर में विकसित करने की सुविधा दी गई है। कारपेट एरिया 25 से 30 वर्ग मीटर, एलआईजी 30-40 वर्ग मीटर और अन्य वर्ग के लिए 40-90 वर्ग मीटर की सुविधा दी गई है। इन मकानों को बनाने के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। निर्मित क्षेत्र में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर 1.75 फीसदी  और 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर दो फीसदी एफएआर की सुविधा दी गई है। विकसित क्षेत्र में 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर दो फीसदी और इससे अधिक चौड़ी सड़क पर 2.25 फीसदी एफएआर की सुविधा दी गई है।

बंधक नहीं रखनी होगी जमीन
ग्रुप हाउसिंग के लिए पहुंच मार्ग भी तय कर दिया गया है। 10 एकड़ वाली योजनाओं के लिए 12 मीटर चौड़ी सड़क, 10 से 25 एकड़ के लिए 18 मीटर और 25 एकड़ से अधिक के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए। रेरा में पंजीकरण कराने वाले बिल्डर को 20 फीसदी जमीन बंधन रखने की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाएगा।

पार्किंग की व्यवस्था
ईडब्ल्यूएस के मकानों में दो पहिया वाहन के लिए प्रत्येक इकाई में दो वर्ग मीटर स्थान आरक्षित करना होगा। एलआईजी में चार वर्ग मीटर और अन्य वर्ग में प्रति कार पार्किंग के लिए 75 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल आरक्षित करना होगा। साथ ही विजिटर पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।
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