कौशल ने बुलंदशहर जैसा हादसा होने से बचाया, डीएम ने किया सम्मानित
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बलरामपुर अस्पताल के बाहर दवा दुकान चलाने वाले कारोबारी कौशल (46) की बहादुरी से लखनऊ सीतापुर हाईवे पर एक किशोरी के साथ बुलंदशहर जैसा बर्बर हादसा होने से बच गया।
कौशल के इस जज्बे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी राजशेखर ने उन्हें अपने आवास पर बुलाकर कर सम्मानित किया।
त्रिवेणी नगर-टू सीतापुर रोड स्थित कौशल किशोर त्रिपाठी की बलरामपुर जिला अस्पताल के बाहर दवा की दुकान है।
बीती आठ अगस्त को सुबह आठ बजे वह अपने भतीजे के साथ सीतापुर जा रहे थे। सीतापुर हाईवे पर कमलापुर थाने से तीन सौ मीटर आगे उन्होंने रॉन्ग साइड पर एक लालरंग की कार देखी।
कौशल ने किशोरी को पहुंचाया घर
दो युवक एक किशोरी को जबरन कार में बैठाने की कोशिश कर रहे थे। कौशल जब वहां से गुजरे तो किशोरी ने बचाने के लिए चिल्लाने लगी। उन्होंने भतीजे के साथ मिलकर बदमाशों को दौड़ा दिया।
इसके बाद एक युवक भाग गया और दूसरा कार लेकर निकल गया। किशोरी ने बताया कि दोनों गांव के ही युवक है और जबरन लखनऊ ले जा रहे थे।
कौशल ने किशोरी को समीप के लुधौली गांव में उसके घर सुरक्षित पहुंचाया। डीएम ने कारोबारी के साहस की प्रशंसा की और समाज के लोगों से मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करने की अपील की।