बड़े नोटों की रोक पर भड़कीं माया, बोलीं- मोदी ने लगाई अघोषित आर्थिक इमरजेंसी
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने पुराने नोट बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले को आर्थिक आपातकाल करार दिया है। मायावती ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने यह कदम अपने शासनकाल के ढाई साल बिताने के बाद तब उठाया, जब अगले 100 सालों के लिए भाजपा की आर्थिक मजबूती का बंदोबस्त कर लिया।
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब मायावती ने कहा, ढाई साल गुजारने के बावजूद प्रधानमंत्री चुनावी वादों का एक चौथाई भी पूरा नहीं कर पाए हैं। देश का हर वर्ग मोदी के शासनकाल से निराश है।
ऐसे में चुनाव नजदीक आते देख सरकार की कमियों से ध्यान बंटाने के लिए कालेधन पर अंकुश के नाम पर आर्थिक इमरजेंसी लगाने जैसा वातावरण बनाया है। कांग्रेस ने जिस तरह राजनीतिक इमरजेंसी लगाई थी, मोदी ने अघोषित रूप से आर्थिक इमरजेंसी लगा दी है। देश के 90 फीसदी लोग इस फैसले से दु:खी हैं।
'मोदी के इस फैसले से पेट्रोल पंप वालों की चांदी'
मायावती ने कहा कि यदि मोदी कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए ईमानदार होते तो उन्हें इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। ढाई साल के शासनकाल में उन्होंने पूंजीपतियों व धन्नासेठों को लाभ पहुंचाया और जब बीजेपी को 100 साल तक आर्थिक मजबूती देने के लिए बाहर प्रबंध कर लिया तब काले धन की याद आई।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि 500 और 1000 नोटों पर पाबंदी से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दूसरी ओर धन्नासेठों को इसका लाभ उठाने का रास्ता भी खोल दिया गया है। इस फैसले से पेट्रोल पंप वालों की चांदी हो गई है।
उन्होंने कहा कि मोदी ने गरीब व मध्यम वर्ग को जिस तरह इस फैसले से चोट पहुंचाई है, यह वर्ग आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी एंड कंपनी को जरूर सख्त सजा देगा। मोदी का यह फैसला जनहित में कम, किसी को तकलीफ में देखकर आत्मसंतोष प्राप्त करने वाला ज्यादा लगता है।
जिन्होंने कालाधन जमा किया उनके नाम बताए सरकार
मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह कालाधन सफेद करने वालों का नाम सार्वजनिक करे। बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कालेधन को सफेद करने की जो स्कीम चलाई उसका सबसे ज्यादा फायदा गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों ने लिया है।
केंद्र इसीलिए इन लोगों का नाम उजागर नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अभी ये नाम उजागर नहीं हुए हैं तो कुछ दिन बाद सामने आ जाएंगे। मायावती ने कहा कि कालेधन से प्राप्त रकम गरीबों के कल्याण पर खर्च होनी चाहिए।
शाह पर साधा निशाना
मायावती ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की आलोचना करते हुए कहा कि वह 500 और 1000 के नोट पर पाबंदी को सर्जिकल स्ट्राइक बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक बहुत सीमित होती है और इस फैसले से आम जनता परेशान हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि देश के 500 या 1000 बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के यहां एक साथ छापेमारी होती तो वास्तव में देश इसे सर्जिकल स्ट्राइक मानता। जिस फैसले से हर जगह अफरा-तफरी का माहौल हो उसे सर्जिकल स्ट्राइक भला कैसे कहा जा सकता है?
'बुकलेट व सीडी देने के लिए प्रत्याशियों को बुलाया था'
मायावती ने नौ अक्तूबर को बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर दिए गए अपने भाषण की सीडी और बुकलेट जारी की। इसे बसपा के विधानसभा प्रभारियों व पदाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है।
यह सीडी विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों में दिखाई जाएगी और किताब लोगों को पढ़ने के लिए बांटी जाएगी। मायावती ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में वाहनों को अंदर बुलाकर अटैची व बैग में ले जाई गई सामग्री पर अपना रुख भी साफ किया।
उन्होंने बिना संदर्भ के बताया कि जिस बुकलेट व सीडी को वह आज जारी कर रही हैं, दरअसल उसे ही देने के लिए बुधवार को प्रत्याशियों को बुलाया गया था।