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'कांशीराम के साथियों को चुन-चुनकर पार्टी से निकाल रहीं माया'

Sun, 04 Jan 2015 09:47 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 04 Jan 2015 09:47 PM IST
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BSP leader accuses Myawati.

‘पहले राजबहादुर...फिर दीनानाथ भास्कर, बी. राम और बलिहारी बाबू। ये सभी बसपा के ऐसे नेता रहे हैं जो कांशीराम के जमीनी संघर्ष के साथी थे। राजबहादुर तो मायावती से भी बड़े नेता थे।

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कांशीराम के खासमखास हुआ करते थे, पर पूरे जमाने ने देखा कि एक-एक कर ये नेता किस तरह पार्टी से निकाले गए। अब मेरी बारी थी। वजह, बसपा में हर जाटव नेता की एक ‘लिमिट’ तय है। उससे आगे कोई भी नहीं जा सकता। अब अपने शुभचिंतकों से विचार-विमर्श कर तय करूंगा कि आगे क्या किया जाए?’
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यह तल्ख टिप्पणी है बसपा से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर की। बसपा सुप्रीमो के इस फैसले से वे बेहद क्षुब्ध हैं। जुगुल किशोर ने रविवार को ‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में कहा कि मैं बसपा संस्थापक कांशीराम के विचारों और मिशन से जुड़ा हूं।
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बीएस-फोर के समय 1983 में पार्टी से जुड़ा था। हमेशा यही मन में रहा कि मरूंगा भी और जिऊंगा भी बसपा के लिए, मगर अब कांशीराम के मिशन को बेचा जा रहा है। पार्टी में जाटव वर्ग के जो लोग हैं, उनके साथ कैसा सुलूक किया जा रहा है, उसके कई उदाहरण हैं।

इसलिए इनको दिखाया बाहर का रास्ता

BSP leader accuses Myawati.

जुगुल किशोर कहते हैं, कमलाकांत गौतम पार्टी काडर के मजबूत नेता हैं। घर बैठा दिए गए। पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने बाबूसिंह कुशवाहा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बसपा में जॉइन कराया, पर उन्हें भी साइड लाइन कर दिया गया।

कुशवाहा पार्टी में कहां से कहां तक पहुंचे? सिद्दीकी की पार्टी में हैसियत किसी से छिपी नहीं, लेकिन दद्दू प्रसाद कहां हैं? उन्हें हिमाचल का प्रभारी बनाकर पहाड़ पर भेज दिया। यूपी से बाहर कर दिया। इसके बाद नंबर हमारा था।

मैंने सच की कीमत चुकाई

पार्टी में धन की उगाही हो रही है। पार्टी के विधायकों, पूर्व विधायकों व पूर्व प्रत्याशियों ने टिकट के लिए पैसे मांगे जाने की शिकायत मुझसे की तो मैंने मायावती से मिलकर इसका पुरजोर विरोध किया।

कहा-बहनजी, एक नंबर की पार्टी तीन नंबर पर पहुंच गई। हाल यह है कि आज विधानसभा चुनाव हो जाए तो पार्टी 40 से 50 सीटों तक सिमट जाएगी। इस काम को बंद कर दिया जाए। इसके बाद मुझे सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया।

अब आगे का रास्ता बनाएंगे

BSP leader accuses Myawati.

बसपा में रहने से जुड़े सवाल पर जुगुल किशोर ने कहा कि वे सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के बाद भी अंतिम दम तक बसपा में रहने की सोचते थे।

पर, जिस तरह मीडिया में बातें लाई गईं और एक जोन को-ऑर्डिनेटर ने मेरे बारे में जिस तरह कहा, उसके बाद आगे की सोचने का फैसला किया। अब अपने लोगों से विचार-विमर्श कर आगे का रास्ता बनाऊंगा।

अब बहनजी और सिद्दीकी ही रहेंगे
जुगुल किशोर न सिर्फ मायावती से बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी से भी बेहद नाराज हैं। सांसद ने कहा कि जिस तरह लोगों को बाहर किया जा रहा है, उससे लगता है कि अब बहनजी व सिद्दीकी ही पार्टी में रहेंगे। पार्टी में जो कुछ हो रहा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सिद्दीकी की है। वे ही सब कुछ करवा रहे हैं।

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