बीएसएनएल के उपभोक्ता हो जाएं सावधान, रिचार्ज के नाम पर हो रहा है यह फर्जीवाड़ा
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अगर आप बीएसएनएल के प्री-पेड उपभोक्ता हैं तो रिचार्ज कूपन लेते समय सावधान रहें। टॉपअप और रिचार्ज कूपन ब्लैंक हो सकता है। ग्रामीण और शहर के बाहरी इलाकों में कैनोपी लगाकर रिचार्ज वाउचर बेचने वालों के शिकार बने उपभोक्ताओं की शिकायत पर बीएसएनएल ने जांच शुरू कर दी है।
बीएसएनएल को आशंका है कि फर्जी रिचार्ज वाउचर बेचने का गिरोह सक्रिय है। ठगी के शिकार उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने कैनोपी लगाकर रिचार्ज कूपन बेचने वालों से वाउचर खरीदा था। रिचार्ज कूपन को स्क्रैच करने पर गुप्त कोड की जगह ब्लैंक निकला।
काकोरी, माल, व सरोजनीनगर इलाके में रोड साइट स्टाल लगाकर बेचे जा रहे ये रिचार्ज कूपन 15 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के होते हैं। पीड़ित सुरेश कुमार, महिपत पाल, बागेश्वर यादव सहित आधा दर्जन लोगों ने अधिकारियों से अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
किसी गिरोह के शामिल होने का है अंदेशा
बीएसएनएल के एजीएम मार्केटिंग एके मिश्रा दावा करते हैं कि विभागीय स्तर पर जारी स्क्रैच कार्ड व रिचार्ज वाउचर में सिल्वर स्ट्रिप के ब्लैंक होने की गुंजाइश नहीं होती। जाहिर है कि कोई गिरोह यह काम कर रहा है।
स्कैनिंग से छोटे पेपर रिचार्ज का झांसा देकर फर्जी टॉप अप और वाउचर बेच रहे हैं। ये लोग अवैध कैनोपी संचालकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं।
इनकी धरपकड़ के लिए एसडीओ के स्तर पर अधिकृत सेल्स एजेंटों को साथ लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। जानकारों की मानें तो कैनोपी से टॉप अप और वाउचर खरीदने पर मौके पर ही स्क्रैच करें।
वाउचर ब्लैंक होने पर तुरंत शिकायत का मौका मिलेगा। साथ ही कैनोपी वाले की असलियत के बारे में जानकारी मिल सकेगी। मार्केटिंग जीएम ए के मिश्रा ने कहा मामला गंभीर है। इसकी जांच विभागीय विजिलेंस इकाई से कराई जाएगी