{"_id":"6158a2de8ebc3e8bb11c29dd","slug":"bsl-2-labs-in-every-district-to-identify-infectious-diseases","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: संक्रामक बीमारियों की पहचान के लिए हर जिले में बीएसएल 2 लैब, शासन को भेजा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: संक्रामक बीमारियों की पहचान के लिए हर जिले में बीएसएल 2 लैब, शासन को भेजा प्रस्ताव
Sat, 02 Oct 2021 11:50 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 02 Oct 2021 11:50 PM IST
सार
कोविड संक्रमण फैलने के बाद सभी जिलों में बीएसएल 2 लैब की स्थापना की जा रही है। केजीएमयू में बीएसएल4 और एसजीपीजीआई में बीएसएल3 लैब को मंजूरी दी गई है। जिला अस्पतालों में बीएसएल 2 लैब बनाई जा रही है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के हर जिले में बीएसएल 2 लैब बनाई जाएगी। इसके तहत नौ जिलों के सीएचसी और पीएचसी में इस लैब के सिविल कार्य के लिए 148.63 लाख रुपये जारी स्वीकृत किया गया है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 74.30 लाख रुपये जारी कर दिया गया है।
वहीं, 31 अन्य जिलों में बीएसएल 2 के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. वेदब्रत ने बताया कि इन लैब के बनने से संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण समय पर हो सकेगा।
कोविड संक्रमण फैलने के बाद सभी जिलों में बीएसएल 2 लैब की स्थापना की जा रही है। केजीएमयू में बीएसएल4 और एसजीपीजीआई में बीएसएल3 लैब को मंजूरी दी गई है। जिला अस्पतालों में बीएसएल 2 लैब बनाई जा रही है।
विज्ञापन
जिन जिलों के जिला अस्पताल में लैब के लिए जगह नहीं है, वहां सीएचसी और पीएचसी में बनाया जा रहा है। इसके जरिए संक्रामक बीमारियों की जल्द से जल्द पहचान हो सकेगी। अब तक 35 जिलों में बीएसएल 2 लैब कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शेष 31 जिलों के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन
वहीं, 31 अन्य जिलों में बीएसएल 2 के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. वेदब्रत ने बताया कि इन लैब के बनने से संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण समय पर हो सकेगा।
विज्ञापन
कोविड संक्रमण फैलने के बाद सभी जिलों में बीएसएल 2 लैब की स्थापना की जा रही है। केजीएमयू में बीएसएल4 और एसजीपीजीआई में बीएसएल3 लैब को मंजूरी दी गई है। जिला अस्पतालों में बीएसएल 2 लैब बनाई जा रही है।
विज्ञापन
जिन जिलों के जिला अस्पताल में लैब के लिए जगह नहीं है, वहां सीएचसी और पीएचसी में बनाया जा रहा है। इसके जरिए संक्रामक बीमारियों की जल्द से जल्द पहचान हो सकेगी। अब तक 35 जिलों में बीएसएल 2 लैब कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शेष 31 जिलों के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा है।
इन नौ लैब के लिए जारी हुआ बजट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भदोही के लिए 11.08 लाख, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) जसाला शामली के लिए 24.21 लाख, सीएचसी सरूरपुर बागपत के लिए 23.60 लाख, एएनएमटीसी कूकड़ा मुजफ्फरनगर के लिए 14.30 लाख रुपये जारी किया है।
इसी तरह सीएचसी महराजगंज के लिए 19.98 लाख, सीएचसी सुरसा हरदोई के लिए 17.84 लाख, सीएचसी गंगाघाट उन्नाव के लिए 11.63 लाख, सीएचसी सोनवा श्रावस्ती के लिए 13.05 लाख, सीएचसी खलीलाबाद संतकबीरनगर के लिए 12.94 लाख रुपये जारी किया गया है। इन सभी के लिए स्वीकृत लागत की करीब आधी धनराशि जारी की गई है।
इसी तरह सीएचसी महराजगंज के लिए 19.98 लाख, सीएचसी सुरसा हरदोई के लिए 17.84 लाख, सीएचसी गंगाघाट उन्नाव के लिए 11.63 लाख, सीएचसी सोनवा श्रावस्ती के लिए 13.05 लाख, सीएचसी खलीलाबाद संतकबीरनगर के लिए 12.94 लाख रुपये जारी किया गया है। इन सभी के लिए स्वीकृत लागत की करीब आधी धनराशि जारी की गई है।