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Lucknow News: बीएसए ने रिक्शा चालक को शिक्षक बता भेजा रिकवरी नोटिस

Mon, 23 Dec 2024 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 23 Dec 2024 01:07 AM IST
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BSA sent recovery notice to rickshaw driver by calling him teacher
अपने हाथ के घेठा दिखाता पीड़ित मनोहर यादव।
श्रावस्ती। मनोहर यादव कभी स्कूल नहीं गए। निरक्षर हैं। हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाते हैं।दिल्ली में रहकर रिक्शा चलाते हैं। आर्थिक स्थित ऐसी कि परिवार पालना मुश्किल है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग उन्हें सहायक शिक्षक मानता है, जो 14 जुलाई 2020 से पहले रोज स्कूल पहुंच बच्चों को पढ़ते थे। हर महीने वेतन भी लेते थे। अब उनकी नियुक्ति को फर्जी बताकर 51.63 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी कर दिया।
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पैसे का भुगतान नहीं करने पर आरसी जारी कर वसूली कराने की चेतावनी भी दी है। डाक के माध्यम से रविवार को नोटिस घर पहुंचा तो भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोड़पुरवा निवासी मनोहर यादव दंग रह गए। परिवार भी सहम गया है। सभी चिंतित हैं कि इतने रुपये तो घर और खेत बेचने के बाद भी नहीं जुट पाएंगे।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय से 11 दिसंबर 2024 को मनोहर यादव को नोटिस जारी किया गया है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर तहसील क्षेत्र निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह के नाम व पते का गलत तरीके से प्रयोग कर तैनाती पाई। जमुनहा के उच्च प्राथमिक विद्यालय नव्वापुरवा में सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया।
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नोटिस के अनुसार एसटीएफ की जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर 14 जुलाई 2020 की नियुक्ति तिथि से उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। कोतवाली भिनगा में केस भी दर्ज कराया गया। नियुक्ति तिथि जून 2020 तक बेसिक शिक्षा विभाग से 51 लाख 63 हजार 53 रुपये नकद वेतन व अन्य मद में भुगतान लिया है, जिसे एक सप्ताह के अंदर कोषागार में जमा कराएं। जमा रसीद बीएस कार्यालय को उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर रुपये की वसूली कराई जाएगी।


बीएसए ने बताया कि नोटिस मेरे कार्यालय से ही जारी हुआ है। यदि मनोहर यादव को कुछ कहना है तो साक्ष्य सहित कार्यालय आकर अपनी बात रख सकते हैं। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि नोटिस जारी होने पर आखिर चूक कहां हुई है। संबंधित पटल के बाबू से भी पूछताछ की जाएगी।
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