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स्तन की गांठ को गंभीरता से लें
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लखऊ। स्तन कैंसर की गांठ को गंभीरता से लें। यदि सप्ताहभर तक लगातार गांठ बनी रहे तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लें। यदि जांच में स्तन कैंसर निकलता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इलाज से यह ठीक हो सकता है। यह कहना है एसजीपीजीआई की रेडियोडायग्नोसिस विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना गुप्ता का। वह संस्थान में ब्रेस्ट इमैजिंग अपडेट केतहत आयोजित सीएमई को संबोधित कर रही थीं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि विश्व स्तरीय रिपोर्ट के तहत वर्ष 2018 में स्तन कैंसर से छह लाख 27 हजार महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसे आसानी से रोका जा सकता है। यदि परिवार में किसी भी महिला को स्तन कैंसर रहा है तो अगली पीढ़ी को होने की संभावना अधिक रहती है। देर से शादी करने वाली महिलाओं, जल्दी या देर से मासिक धर्म होने वाली किशोरियों और देर से गर्भधारण करने वाली महिलाओ में भी स्तन कैंसर होने की संभावना रहती है। इस दौरान बीएचयू, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज क ानपुर सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों केकरीब 150 डेलीगेट्स ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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डॉ. गुप्ता ने बताया कि विश्व स्तरीय रिपोर्ट के तहत वर्ष 2018 में स्तन कैंसर से छह लाख 27 हजार महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसे आसानी से रोका जा सकता है। यदि परिवार में किसी भी महिला को स्तन कैंसर रहा है तो अगली पीढ़ी को होने की संभावना अधिक रहती है। देर से शादी करने वाली महिलाओं, जल्दी या देर से मासिक धर्म होने वाली किशोरियों और देर से गर्भधारण करने वाली महिलाओ में भी स्तन कैंसर होने की संभावना रहती है। इस दौरान बीएचयू, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज क ानपुर सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों केकरीब 150 डेलीगेट्स ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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