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अयोध्या से होगी यूपी की खूबियों की ब्रांडिंग, सरकार की ये है रणनीति
Sat, 24 Oct 2020 02:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अनिल श्रीवास्तव, अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 24 Oct 2020 02:10 PM IST
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वैदिक और स्मार्ट सिटी के मॉडल के रूप में बनेगी नव्य अयोध्या
- फोटो : अमर उजाला
देशी पर्यटकों के लिहाज से यूपी देश का सबसे पसंदीदा स्थल बन चुका है। अगले कुछ वर्षों में इसका शुमार देश ही नहीं दुनिया के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में होने लगेगा। इसमें सर्वाधिक अहम भूमिका अयोध्या की होगी। देश-दुनिया में भगवान श्रीराम की स्वीकार्यता के मद्देनजर भव्य राम मंदिर और दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम की प्रतिमा बनने के साथ अयोध्या दुनिया में रामभक्तों और अन्य लोगों का आस्था का केंद्र बनेगा।
राज्य सरकार अयोध्या से पूरी दुनिया में यूपी की खूबियों की ब्रांडिंग का खाका तैयार करने में जुटी है। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई गई है। अयोध्या आने वाले श्रीराम का दर्शन करें, साथ ही यूपी की खूबियों, यहां के हस्तशिल्प और कला की संपन्न विरासत से वाकिफ हों, इसके लिए वहां बनने वाली नव्य अयोध्या के सभी राज्यों और विदेशों के अतिथिगृह के भूतल पर ओडीओपी के शोकेस (प्रदर्शनी) लगेंगे।
हाल ही में हुई पर्यटन विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि नव्य अयोध्या में बनने वाले सभी राज्यों के अतिथि गृहों के भूतल पर एमएसएमई विभाग की ओर से अनिवार्य रूप से ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। सूत्रों के अनुसार अतिथिगृहों के निर्माण की मंजूरी देते समय ही शर्तों में इसका प्रावधान किया जाएगा।
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राज्य सरकार अयोध्या से पूरी दुनिया में यूपी की खूबियों की ब्रांडिंग का खाका तैयार करने में जुटी है। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई गई है। अयोध्या आने वाले श्रीराम का दर्शन करें, साथ ही यूपी की खूबियों, यहां के हस्तशिल्प और कला की संपन्न विरासत से वाकिफ हों, इसके लिए वहां बनने वाली नव्य अयोध्या के सभी राज्यों और विदेशों के अतिथिगृह के भूतल पर ओडीओपी के शोकेस (प्रदर्शनी) लगेंगे।
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हाल ही में हुई पर्यटन विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि नव्य अयोध्या में बनने वाले सभी राज्यों के अतिथि गृहों के भूतल पर एमएसएमई विभाग की ओर से अनिवार्य रूप से ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। सूत्रों के अनुसार अतिथिगृहों के निर्माण की मंजूरी देते समय ही शर्तों में इसका प्रावधान किया जाएगा।
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करीब 749 एकड़ भूमि पर नव्य अयोध्या का निर्माण
योगी सरकार वैदिक और स्मार्ट सिटी के मॉडल के रूप में करीब 749 एकड़ भूमि पर नव्य अयोध्या का निर्माण कराने जा रही है। यह जमीन लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। यह जमीन लखनऊ से गोरखपुर जाते समय दाहिने ओर सरयू के किनारे निर्मित बंधे के बीचो बीच और प्रस्तावित श्रीराम की प्रतिमा के लिए अधिसूचित भूमि से लगी हुई है।
यहां पर कोरिया समेत पांच देशों और 25 राज्यों के लिए अतिथि गृह, अलग-अलग धर्मों, संप्रदायों और आश्रमों, मठों और स्वयंसेवी संगठनों के लिए भी करीब 100 भूखंड आरक्षित किए जाएंगे। इन्हीं राज्यों के अतिथिगृहों में ओडीओपी के शोकेस लगवाने की योजना है। उम्मीद है कि यूपी की खूबी और इसकी हस्तशिल्प की परंपरा देश-दुनिया के पर्यटकों को पसंद आएगी। ऐसा हुआ तो नव्य अयोध्या में प्रस्तावित पांच फाइव स्टार,10 थ्री स्टार और 15 बजट होटलों में भी ऐसे शोकेस नजर आएंगे।
यहां पर कोरिया समेत पांच देशों और 25 राज्यों के लिए अतिथि गृह, अलग-अलग धर्मों, संप्रदायों और आश्रमों, मठों और स्वयंसेवी संगठनों के लिए भी करीब 100 भूखंड आरक्षित किए जाएंगे। इन्हीं राज्यों के अतिथिगृहों में ओडीओपी के शोकेस लगवाने की योजना है। उम्मीद है कि यूपी की खूबी और इसकी हस्तशिल्प की परंपरा देश-दुनिया के पर्यटकों को पसंद आएगी। ऐसा हुआ तो नव्य अयोध्या में प्रस्तावित पांच फाइव स्टार,10 थ्री स्टार और 15 बजट होटलों में भी ऐसे शोकेस नजर आएंगे।