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यूपी में बढ़ सकती है बीपीएल की आय सीमा, प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
Wed, 23 Sep 2020 10:44 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 23 Sep 2020 10:44 AM IST
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उत्तर प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वालों की आय सीमा बढ़ाकर सालाना डेढ़ लाख रुपये तक की जा सकती है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है।
अधिकाधिक लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यह कवायद की जा रही है। प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
इनमें शादी के लिए अनुदान, परिवार के मुखिया की मौत होने पर एकमुश्त सहायता राशि और रोजगार के लिए सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये तक की अधिकतम सालाना आमदनी वाले परिवार इस दायरे में आते हैं।
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ही तमाम योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें बीपीएल की आय सीमा कम होने के कारण लोग इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अन्य विभागों में भी इसी तरह की स्थिति महसूस की जा रही है।
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अधिकाधिक लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए यह कवायद की जा रही है। प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
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इनमें शादी के लिए अनुदान, परिवार के मुखिया की मौत होने पर एकमुश्त सहायता राशि और रोजगार के लिए सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये तक की अधिकतम सालाना आमदनी वाले परिवार इस दायरे में आते हैं।
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की ही तमाम योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें बीपीएल की आय सीमा कम होने के कारण लोग इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अन्य विभागों में भी इसी तरह की स्थिति महसूस की जा रही है।
जानकारों का कहना है कि मजदूरी की प्रचलित दरों के हिसाब से ऐसे बहुत कम परिवार होंगे, जिनकी आमदनी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बीपीएल की आयसीमा के दायरे में हो। देखने में आया है कि तमाम गरीब परिवार योजनाओं का लाभ लेने के लिए गलत आय प्रमाणपत्र बनवाते हैं।
इसलिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए बीपीएल की सालाना आयसीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि इसका प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेज दिया गया है। इस बारे में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से भी बात हुई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस पर सहमति भी बन चुकी है।
इसलिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए बीपीएल की सालाना आयसीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि इसका प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेज दिया गया है। इस बारे में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से भी बात हुई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस पर सहमति भी बन चुकी है।