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बुक फेयर में 'टूटी फूटी आजादी' का विमोचन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 23 Sep 2014 03:54 PM IST
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देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाने और मुसलमानों को आजादी के आंदोलन से जोड़ने के लिए 1912 में साप्ताहिक उर्दू अखबार ‘अल हिलाल’ निकाला।
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अखबार को 1914 के प्रेस एक्ट के तहत बंद करवा दिया गया, जिसे बाद में अल बलाग के नाम से दोबारा शुरू किया गया। इस ऐतिहासिक अखबार का संकलन पुस्तक मेले में आकर्षण का विषय बना हुआ है।
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ऐसे ही वेदों का संकलन ‘शब्द वेद’ और शरद जोशी के लिखे व्यंग्यों का संग्रह पसंद किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पुस्तक मेले में उर्दू अकादमी के स्टॉल पर मौजूद अल हिलाल की वास्तविक कीमत 42 सौ रुपये है, लेकिन डिस्काउंट के बाद कीमत ढाई हजार रुपये है।
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वहीं शरद जोशी के व्यंग्यों का संकलन और ऐसे ही अन्य संग्रह मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। नरेन्द्र कोहली का महाभारत पर लिखा संग्रह ‘महासमर’ और साहित्यकारों की प्रतिनिधि कहानियों के संग्रह खरीदे जा रहे हैं।
साथ ही पुस्तक मेले के स्टॉल नंबर 98 पर मौजूद अमिताभ कुमार की पुस्तक ‘महंत-द गॉडफादर’ काफी पसंद की जा रही है। सांस्कृतिक पंडाल में सोमवार को रोशन प्रेमयोगी की पुस्तक ‘टूटी फूटी आजादी’ का विमोचन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि किसी साहित्यकार को आज तक भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया? लोहिया के चिंतन व विचारों पर चलने से ही देश का कल्याण होगा। केसी मिश्र, डॉ. उदय प्रताप सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
मेले में ‘नई रोशनी नए चिराग’ कार्यक्रम के तहत नसीम अख्तर एकेडमी की ओर से युवा कवि अभय सिंह निर्भीक को हिंदी कविता में योगदान के लिए ‘नसीम अख्तर अवार्ड 2014’ से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा महेंद्र भीष्म की ‘किन्नर कथा’ व ‘तीसरा कम्बल’ पुस्तकों पर साहित्यिक चर्चा में डॉ. अनिल मिश्र, नलिन रंजन सिंह, दयानन्द पांडेय, प्रताप दीक्षित, रत्ना श्रीवास्तव, देवकीनंदन शांत शामिल रहे।
शाम को मंच पर संजय मिश्र शौक के संयोजन में मुशायरे की महफिल सजी। जबकि इससे पूर्व अगीत परिषद के संयोजन व रंगनाथ मिश्र सत्य की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन हुआ।