'भाजपा करवाए अपने मुस्लिम नेताओं का धर्मांतरण'
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अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद ने आगरा व अलीगढ़ में धर्मांतरण की घटना को भाजपा व उसके संगठनों की साजिश करार दिया।
कहा, प्रदेश में माहौल खराब कर सियासी फायदा लेने के लिए इस तरह की साजिश रची जा रही है। साथ ही कहा कि भाजपा को पहले अपने उन अल्पसंख्यक नेताओं का धर्मांतरण कराना चाहिए, जिन्होंने दूसरे धर्म में विवाह किया है।
अहमद ने धर्मांतरण की घटनाओं से संबंधित जांच रिपोर्ट को मीडिया के सामने सावर्जनिक करते हुए कहा कि आगरा व अलीगढ़ की घटना पूरी तरह खुफिया तंत्र की लापरवाही का नतीजा है। अगर खुफिया तंत्र सक्रिय रहता तो इस तरह की घटनाएं न घटतीं।
आयोग के सदस्य शफी आजमी ने बताया कि आगरा में कोई धर्मांतरण नहीं हुआ है। वहां गरीब परिवारों लालच देकर हवन में बैठाया गया था।
वाराणसी में मोदी ने एक पैसे का काम नहीं किया
आजमी ने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुख्य सचिव आलोक रंजन को सौंपी जाएगी। आयोग ने रिपोर्ट में खुफिया तंत्र को और बेहतर बनाने पर जोर दिया है।
साथ ही कहा कि ऐसे संगठनों पर नजर रखी जाए, जो लालच देकर या धमकाकर धर्म परिवर्तन कराने का काम करते हैं। गरीब परिवारों का जीवन स्तर सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
आयोग की ओर से जांच करने के लिए शफी आजमी, सुहेल अय्यूब जिनजानी, नफीसुल हसन व मुफ्ती जुल्फिकार अली गए थे।
अहमद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि आठ महीने में मोदी ने वाराणसी में एक पैसे का भी काम नहीं करवाया।