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UP Election 2022: बगावत रोकने के लिए विधायकों की सीट बदलेगी भाजपा, मौर्य-कुर्मी सहित कई जातियों के लिए बनी रणनीति
Tue, 07 Dec 2021 12:22 PM IST
ishwar ashish
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 07 Dec 2021 12:22 PM IST
सार
UP Election 2022: भाजपा ने यूपी चुनाव में बगावत रोकने के लिए खासतौर पर कुर्मी, मौर्य, राजभर, भूमिहार, ब्राह्मण, ठाकुर सहित कुछ अन्य जातियों के प्रभावशाली विधायकों की सीट बदलने का निर्णय लिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
UP Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रभावशाली विधायकों के टिकट काटने पर उनकी बगावत से आशंकित भाजपा उनकी सीट बदलने का रास्ता अपनाएगी। विधायकों को उनके ही जिले की किसी दूसरी सीट या दूसरे जिले से चुनाव लड़ाया जाएगा।
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भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सरकार की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आया है कि क्षेत्र के मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। जनता मोदी-योगी के नाम पर वोट देना चाहती हैं, लेकिन स्थानीय मौजूदा विधायक की कार्यशैली से नाराज है।
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सर्वे के अनुसार भाजपा के मौजूदा 304 विधायकों में से 50 फीसदी से अधिक विधायकों से उनके क्षेत्र की जनता नाराज है। भाजपा को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 30 से 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट काटकर वहां नए चेहरों को उतारना पड़ेगा।
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इससे मौजूदा विधायक के प्रति जनता की नाराजगी दूर हो जाएगी और क्षेत्र में बिगड़े माहौल को भी पक्ष में करने में आसानी होगी।
पार्टी में उच्च स्तर पर हुए मंथन में आया है कि मौजूदा विधायकों में बड़ी संख्या में ऐसे हैं जो सपा, बसपा और कांग्रेस छोड़कर 2017 से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। यदि 30 से 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट काट दिए गए तो वे बगावत पर उतर जाएंगे। ऐसे में वे सपा, बसपा या कांग्रेस के टिकट पर भी भाजपा उम्मीदवार के सामने चुनाव लड़कर पार्टी का चुनावी गणित बिगाड़ सकते है।
ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि उन्हीं विधायकों का टिकट काटा जाएगा, जिन्हें चुनाव नहीं लड़ाने या उनके बगावती होने से पार्टी पर ज्यादा असर न पड़े। ऐसे विधायक जिनका टिकट काटने से उनकी जाति के वोट बैंक खिसकने का डर है, उन्हें जिले की दूसरी सीट या उनकी जाति के बाहुल्य वाले इलाके की किसी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक खासतौर पर कुर्मी, मौर्य, राजभर, भूमिहार, ब्राह्मण, ठाकुर सहित कुछ अन्य जातियों के प्रभावशाली विधायकों की सीट बदली जाएगी।