विपक्षी नेता बताएं, उनकी सरकारों ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर कितना पैसा खर्च किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में नैमिषारण्य के मां ललिता देवी, बलरामपुर के मां पाटेश्वरी, और मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेले का खर्च उठाने का निर्णय सराहनीय और स्वागतयोग्य है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डा. चन्द्रमोहन ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार के इस फैसले से इन तीर्थस्थानों पर आने वाले श्रद्घालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
पिछले वर्ष प्रदेश की सत्ता संभालते ही सरकार ने उपेक्षित पड़े मंदिरों, तीर्थस्थानों की सुविधाओं में बेहतरी के प्रयास प्राथमिकता के तौर पर तेज कर दिए थे।
लोकसभा चुनाव को नजदीक आता देख अचानक मंदिरों में मत्था टेकने का दिखावा करने वाले विपक्षी नेता यह भी बताएं कि उनकी सरकारों में मंदिरों व तीर्थस्थानों पर आने वाले श्रद्घालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कितना पैसा खर्च किया गया?
डा. चन्द्रमोहन ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ही फैजाबाद-अयोध्या को नगर निगम का दर्जा देकर यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू किए।
सरकार अयोध्या के विकास के लिए 133 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास कर चुकी है। वहीं, करीब दो सौ करोड़ रुपए की अन्य योजनाएं भी शुरू हो रही हैं। योगी सरकार ने ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड का गठन कर मथुरा के संपूर्ण विकास को एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाना शुरू किया है।
इन जगहों पर शुरू की 400 करोड़ रुपए की योजनाएं
डा. चन्द्रमोहन ने कहा कि वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, गढ़मुक्तेश्वर, विंध्याचल और ब्रज क्षेत्र में पर्यटन संबंधी सुविधाओं का विकास करने के लिए भाजपा सरकार ने 400 करोड़ रुपए की योजनाएं शुरू की हैं।
अगले वर्ष इलाहाबाद में होने वाले कुंभ को अभूतपूर्व बनाने के लिए भाजपा सरकार 1500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर रही है। भाजपा सरकार के इन प्रयासों ने देशी-विदेशी सभी लोगों का ध्यान खींचा है। इससे न केवल यूपी में धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा।